ShareChat
click to see wallet page
search
पार्ट 1 #☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - 123|9 ೧122 बिगइन्फो स एम्स दिल्ली की चिंताजनक स्टडी एक साल से छोटे बच्चों का स्क्रीन टाइम ज्यादा तो ऑटिज्म का खतरा नई दिल्ली | एम्स दिल्ली की ताजा बताती है कि एक साल की उम्र स्टडी तक वाले बच्चे यदि मोबाइल /टीवी के सामने ज्यादा समय बिताते हैं तो उनमें 3 साल की उम्र में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लक्षण विकसित हा सकते हैं। यह चौंकाने वाली स्टडी 2 हजार से ज्यादा बच्चों पर हुई है।  आइए जानते हैं बच्चों के लिए मोबाइल कितना खतरनाक है॰ देशः मोबाइल लत वाले ८०% बच्चे बीमारों जैसे ४ घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम  ८०% बच्चों में ऑटिज्म वाले बच्चे ज्यादा बीमारों जैसे। के लक्षण। एम्स की रिपोर्ट बताती है कि स्टडी में शामिल २६% ऐसे बच्चों में डिप्रेशन ये बच्चे सामान्य बच्चों की के लक्षण ज्यादा पाए गए। तुलना में पहले से मोबाइल ९.५%ही डिप्रेशन के संकेत पर निर्भर होने लगे थे। इनका स्क्रीन टाइम भी ज्यादा था। मिले कम स्क्रीन टाइम वालों में। कैसी कैसी सभस्या ज्यादातर बच्चों में मिर्गी, नींद स्क्रीन टाइम बच्चों और माता पिता के बीच होने वाले आई कांटेक्ट और से जुड़ी समस्या, ध्यान की कमी व्यवहार में चिड़चिड़ापन जैसी संवाद को खत्म कर रहा जो मस्तिष्क समस्याएं मिलीं। ক নিকাস ক লি 3নিনার্য ট1 दुनियाः हर १०० में से 1 बच्चा ऑटिज्म पीड़ित  विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि दुनिया में करीब हर १०० में से एक बच्चा अभी ऑटिज्म से पीड़ित है। यूएस सीडीसी के मुताबिक अब हर ३१ में से 1 बच्चा इससे डायग्नोज हो रहा। ज्यादा स्क़्रीन ्टाइम वाले बच्चों में दोस्तों से दूरी देखी गई। ऑटिज्प क्या हे हमेशा ध्यान रखें॰  यह एक न्यूरो डेवलपमेंटल बच्चे के जीवन के पहले स्थिति हैजो मस्तिष्क के १,००० दिन (प्रेग्नेंसी से विकास को प्रभावित करती हे लेकर 3 साल तक) दिमागी जिससे व्यक्ति के सामाजिक विकास और ऑटिज्म की संचार, व्यवहार और सीखने शुरुआती पहचान के लिए मेअंतर  के तरीके आता ह। सबसे अहम हीोते CI खतरनाकः नशे जैसा है डिजिटल एडिक्शन 123|9 ೧122 बिगइन्फो स एम्स दिल्ली की चिंताजनक स्टडी एक साल से छोटे बच्चों का स्क्रीन टाइम ज्यादा तो ऑटिज्म का खतरा नई दिल्ली | एम्स दिल्ली की ताजा बताती है कि एक साल की उम्र स्टडी तक वाले बच्चे यदि मोबाइल /टीवी के सामने ज्यादा समय बिताते हैं तो उनमें 3 साल की उम्र में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लक्षण विकसित हा सकते हैं। यह चौंकाने वाली स्टडी 2 हजार से ज्यादा बच्चों पर हुई है।  आइए जानते हैं बच्चों के लिए मोबाइल कितना खतरनाक है॰ देशः मोबाइल लत वाले ८०% बच्चे बीमारों जैसे ४ घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम  ८०% बच्चों में ऑटिज्म वाले बच्चे ज्यादा बीमारों जैसे। के लक्षण। एम्स की रिपोर्ट बताती है कि स्टडी में शामिल २६% ऐसे बच्चों में डिप्रेशन ये बच्चे सामान्य बच्चों की के लक्षण ज्यादा पाए गए। तुलना में पहले से मोबाइल ९.५%ही डिप्रेशन के संकेत पर निर्भर होने लगे थे। इनका स्क्रीन टाइम भी ज्यादा था। मिले कम स्क्रीन टाइम वालों में। कैसी कैसी सभस्या ज्यादातर बच्चों में मिर्गी, नींद स्क्रीन टाइम बच्चों और माता पिता के बीच होने वाले आई कांटेक्ट और से जुड़ी समस्या, ध्यान की कमी व्यवहार में चिड़चिड़ापन जैसी संवाद को खत्म कर रहा जो मस्तिष्क समस्याएं मिलीं। ক নিকাস ক লি 3নিনার্য ট1 दुनियाः हर १०० में से 1 बच्चा ऑटिज्म पीड़ित  विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि दुनिया में करीब हर १०० में से एक बच्चा अभी ऑटिज्म से पीड़ित है। यूएस सीडीसी के मुताबिक अब हर ३१ में से 1 बच्चा इससे डायग्नोज हो रहा। ज्यादा स्क़्रीन ्टाइम वाले बच्चों में दोस्तों से दूरी देखी गई। ऑटिज्प क्या हे हमेशा ध्यान रखें॰  यह एक न्यूरो डेवलपमेंटल बच्चे के जीवन के पहले स्थिति हैजो मस्तिष्क के १,००० दिन (प्रेग्नेंसी से विकास को प्रभावित करती हे लेकर 3 साल तक) दिमागी जिससे व्यक्ति के सामाजिक विकास और ऑटिज्म की संचार, व्यवहार और सीखने शुरुआती पहचान के लिए मेअंतर  के तरीके आता ह। सबसे अहम हीोते CI खतरनाकः नशे जैसा है डिजिटल एडिक्शन - ShareChat