Sameer chaudhary parwana
भारत में ईमानदार होना सबसे मुश्किल काम है,
और दलाल होना सबसे आसान।
क्योंकि ईमानदारी की राह पर संघर्ष है, सवाल हैं, दबाव है और कई बार अकेलापन भी।
जबकि चापलूसी और दलाली के रास्ते पर अक्सर तात्कालिक लाभ, स्वार्थ और आसान अवसर मिल जाते हैं।
लेकिन याद रखिए—
दलाली से पहचान मिल सकती है,
पर सम्मान नहीं।
ईमानदारी की राह भले कठिन हो,
लेकिन वही इंसान को सच्चा सम्मान, विश्वास और आत्मसम्मान दिलाती है।
— पत्रकार समीर चौधरी परवाना #🌐 राष्ट्रीय अपडेट