#🏵️अधिक मास 2026🌺 🔵 मलमास से पुरुषोत्तम मास बनने की अद्भुत गाथा: क्यों श्रेष्ठ है यह महीना? 🪔 17 मई 2026 (रविवार) से आरंभ – 15 जून 2026 (सोमवार) तक ✨ ज्येष्ठ अधिक पुरुषोत्तम मास मन के मैल को धोकर, प्रभु चरणों में चित्त लगाएँ, आओ इस पावन अधिक मास में, स्वयं को उत्तम बनाएँ। 🔴 क्या है पुरुषोत्तम मास? हर तीन साल में आने वाला यह अतिरिक्त मास केवल समय का संतुलन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि का अवसर है। इसे अधिकमास, मलमास और पुरुषोत्तम मास—तीनों नामों से जाना जाता है। 🔴 क्यों कहा जाता है मलमास? क्योंकि इसमें विवाह, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं—यह समय बाहरी नहीं, आंतरिक शुद्धि के लिए होता है। 🔴 कैसे बना पुरुषोत्तम मास? जब इस मास का कोई स्वामी नहीं था, तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाकर अपना नाम दिया—पुरुषोत्तम। तभी से यह तिरस्कृत “मलमास” बन गया सबसे श्रेष्ठ “पुरुषोत्तममास”। 🔴 क्या करें इस मास में? ✨ जप, तप, ध्यान और भक्ति ✨ श्रीमद्भागवत, गीता, रामायण का पाठ ✨ व्रत, उपवास और दान ✨ तुलसी पूजन और दीपदान ✨ मन, वचन और कर्म की शुद्धि 🔴 क्या न करें? ❌ झूठ, निंदा, क्रोध और विवाद ❌ तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा) ❌ व्यर्थ मनोरंजन और समय की बर्बादी 🔴 ध्यात्मिक महत्व** यह मास हमें “साधारण” से “उत्तम” बनने का अवसर देता है। यह आत्मशुद्धि, कर्मशुद्धि और भावशुद्धि का दुर्लभ काल है। 🌼 इस पुरुषोत्तम मास में किया गया हर छोटा सत्कर्म भी अनेक गुना फल देता है। 🌼 यह समय है अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर, ईश्वर से जुड़ने का। 🙏 जय श्री हरि 🚩 #अधिक मास पुरुषोत्तम मास (मलमास) #धोंड्याचा महिना #👆तोडगे व उपाय #पुरुषोत्तम मास
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