ShareChat
click to see wallet page
search
जो मानव शरीर की नश्वरता और दिखावे के प्रति कड़ा कटाक्ष करता है। अर्थ: लोग सुंदर शरीर (चाम/त्वचा) को देखकर ही प्रेम (अनुराग) करते हैं और आकर्षित होते हैं। कबीरदास जी कहते हैं कि यदि इस शरीर पर चाम (खाल) का आवरण न हो, तो यह अत्यंत भयानक दिखेगा और कौवे इसे जीवित रहते ही खा जाएंगे। मूल भाव: दिखावे का अंत: सुंदरता केवल ऊपरी खाल (त्वचा) का खेल है। शरीर की नश्वरता: शरीर की असलियत मांस और हड्डियों का ढांचा है, इस पर अहंकार नहीं करना चाहिए। आध्यात्मिक संदेश: मनुष्य को नश्वर देह के बजाय नित्य परमात्मा से प्रेम करना चाहिए। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - IllIIIIII OIN [| 9091/21{01 IND AItNರ MMI/ ' HIIEEIL Il फेज -L @৬ ೨೦@೦ Mouuig विश्वास में बहुत ताकत होती है लेकिन गलत जगह किया हुआ विश्वास तकलीफ ही देता है IllIIIIII OIN [| 9091/21{01 IND AItNರ MMI/ ' HIIEEIL Il फेज -L @৬ ೨೦@೦ Mouuig विश्वास में बहुत ताकत होती है लेकिन गलत जगह किया हुआ विश्वास तकलीफ ही देता है - ShareChat