#✡️सितारों की चाल🌠 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें गीत:
शिक्षा का व्यापार बंद हो
उठो हिंद के भाग्य विधाताओं, अब यह हुंकार जरूरी है,
शिक्षा की पावन वेदी पर, लगती जो बोली है।
महंगे बस्ते, भारी फीसें, अब ये अत्याचार बंद हो,
ज्ञान की निर्मल गंगा में, शिक्षा का व्यापार बंद हो!
कागज़ की डिग्रियों के पीछे, बचपन आज सिसकता है,
निजी स्कूलों की चौखट पर, आम आदमी गिरता है।
कहीं ड्रेस का धंधा है, कहीं किताबों की माया है,
विद्या के इस मंदिर को, अब लूट का केंद्र बनाया है।
इन ऊंची-ऊंची दीवारों के, काले सब द्वार बंद हों,
ज्ञान की निर्मल गंगा में, शिक्षा का व्यापार बंद हो!
महल सरीखे स्कूल बने, पर गाँव की शाला सूनी है,
अमीरों के लिए मखमल है, गरीबों की किस्मत धूनी है।
संविधान की कसमों को, अब फिर से दोहराना होगा,
समान शिक्षा का अधिकार, हर घर तक पहुँचाना होगा।
गरीब के हक को निगल रहे, जो वो सब गद्दार बंद हों,
ज्ञान की निर्मल गंगा में, शिक्षा का व्यापार बंद हो!
कलम उठे अब न्याय की खातिर, कविता में वो धार मिले,
जाति-धर्म और धन से ऊपर, सबको शिक्षा एक मिले।
भारत के नन्हे फूलों को, अब न कोई कुचल सके,
सरकारी स्कूलों का ढांचा, अब तेज़ी से बदल सके।
शिक्षा को जो नशा बना दे, वो सब कारोबार बंद हों,
ज्ञान की निर्मल गंगा में, शिक्षा का व्यापार बंद हो!
जनहित सर्व समाज सेवा समिति
संस्थापक /राष्ट्रीय/ अध्यक्ष
लेखिका /कवयित्री सोनी शुक्ला( क्रांति)
लखनऊ उत्तर प्रदेश



