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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa बुधवार 29.04.2026 हास्य व्यंग आरोप भी ऐसे लगाते हैं जैसे मानो हीरे जवाहरात लगा रहे हैं महंगे भाव में बेचे जा रहे हैं और सस्ते भाव में खरीदे जा रहे हैं! Status (Contacts) + # Aa बुधवार 29.04.2026 हास्य व्यंग आरोप भी ऐसे लगाते हैं जैसे मानो हीरे जवाहरात लगा रहे हैं महंगे भाव में बेचे जा रहे हैं और सस्ते भाव में खरीदे जा रहे हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat