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Jai ho Kartikeya bhagwan ki #श्री कार्तिकेय भगवान की जय 🙏🌹 #🌹जय भगवान कार्तिकेय 🌹
श्री कार्तिकेय भगवान की जय 🙏🌹 - मंगलवार को ही क्यों सच्ची होती है भगवान कार्तिकेय श्रद्धा की विशेष पूजा ? जानिए महत्व , कारण और लाभ भगवान कार्तिकेय (स्कंद, मुरूगन, सुब्रह्मण्य ) साहस, विजय, ज्ञान और युद्ध कौशल के देवता हैं। TIdaR  उनकी पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। १. भगवान कार्तिकेय कौन हैं ? २. मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, वे भगवान शिव और माता पार्वती के जो पराक्रम , ऊर्जा, साहस, नेतृत्व और उनका जन्म देवताओं को 584 तारकासुर नामक असुर से मुक्ति युद्ध कौशल का कारक माना जाता है। ये सभी गुण " दिलाने के लिए हुआ था।  ಹ[ಗಹಾ ಹ भगवान उन्होंने कम आयु में ही देवसेना का  स्वरूप में भी विद्यमान हैँ, इसलिए इस नेतृत्व किया और असुर का वध कर दिन उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी धर्म की रक्षा की। जाती है। ३. दक्षिण भारत में विशेष महत्व ४. ज्योतिषीय दृष्टि से लाभकारी जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह तमिलनाड़, केरल और कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों में कमज़ोर होया मंगल दोष जैसी मुरुगन की समस्याएं हों, वे मंगलवार को भगवान मंगलवार को भगवान विशेष पूजा , अभिषेक और भजन- कार्तिकेय की पूजा करके लाभ प्राफ़्त कीर्तन किए जाते हैं। भक्तों का सकते हैं। (ज्योतिषीय उपाय  07 विश्वास है कि इससे साहस, आत्मविश्वास व्यक्तिगत विश्वास और परंपरा पर दूर होती हैं। और जीवन की बाधाएं आधारित होते हैं। ) ५. केवल युद्ध के नहीं ज्ञान के भी देवत पूजा के प्रमुख लाभ भगवान कार्तिकेय ज्ञान, अनुशासन , और मानसिक शक्ति में वृद्धि साहस धैर्य और विवेक के प्रतीक हैं। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बेहतर होती है उनकी पूजा हमें यह सीख देती है कि बाधाओं और शत्रुओं से रक्षा " जीवन की कठिनाइयों का सामना करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं गें सफलता  साहस, संयम और बुद्धि के साथ  जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना चाहिए। मंगलवार को भगवान कार्तिकेय मंगलवार को पूजा कैसे करें ? உ@ आराधना करने से जीवन में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।  साहस, विजय, शक्ति और ज्ञान भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र के सामने दीप जलाएं। की प्राप्ति होती है। आइए, लाल फूल, चंदन, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें।  इस दिन उनकी पूजा कर ३० सरवनभवाय नमः' या '३० स्कंदाय नमः' मंत्र का जाप कररे। संभव हो तो कार्तिकेय स्तोत्र या सुबहमण्य कवचम् का पाठ करें।  _ आशीर्वाद प्राप्त करें। For more spiritual updates follow us on Facebook मंगलवार को ही क्यों सच्ची होती है भगवान कार्तिकेय श्रद्धा की विशेष पूजा ? जानिए महत्व , कारण और लाभ भगवान कार्तिकेय (स्कंद, मुरूगन, सुब्रह्मण्य ) साहस, विजय, ज्ञान और युद्ध कौशल के देवता हैं। TIdaR  उनकी पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। १. भगवान कार्तिकेय कौन हैं ? २. मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, वे भगवान शिव और माता पार्वती के जो पराक्रम , ऊर्जा, साहस, नेतृत्व और उनका जन्म देवताओं को 584 तारकासुर नामक असुर से मुक्ति युद्ध कौशल का कारक माना जाता है। ये सभी गुण " दिलाने के लिए हुआ था।  ಹ[ಗಹಾ ಹ भगवान उन्होंने कम आयु में ही देवसेना का  स्वरूप में भी विद्यमान हैँ, इसलिए इस नेतृत्व किया और असुर का वध कर दिन उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी धर्म की रक्षा की। जाती है। ३. दक्षिण भारत में विशेष महत्व ४. ज्योतिषीय दृष्टि से लाभकारी जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह तमिलनाड़, केरल और कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों में कमज़ोर होया मंगल दोष जैसी मुरुगन की समस्याएं हों, वे मंगलवार को भगवान मंगलवार को भगवान विशेष पूजा , अभिषेक और भजन- कार्तिकेय की पूजा करके लाभ प्राफ़्त कीर्तन किए जाते हैं। भक्तों का सकते हैं। (ज्योतिषीय उपाय  07 विश्वास है कि इससे साहस, आत्मविश्वास व्यक्तिगत विश्वास और परंपरा पर दूर होती हैं। और जीवन की बाधाएं आधारित होते हैं। ) ५. केवल युद्ध के नहीं ज्ञान के भी देवत पूजा के प्रमुख लाभ भगवान कार्तिकेय ज्ञान, अनुशासन , और मानसिक शक्ति में वृद्धि साहस धैर्य और विवेक के प्रतीक हैं। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बेहतर होती है उनकी पूजा हमें यह सीख देती है कि बाधाओं और शत्रुओं से रक्षा " जीवन की कठिनाइयों का सामना करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं गें सफलता  साहस, संयम और बुद्धि के साथ  जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना चाहिए। मंगलवार को भगवान कार्तिकेय मंगलवार को पूजा कैसे करें ? உ@ आराधना करने से जीवन में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।  साहस, विजय, शक्ति और ज्ञान भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र के सामने दीप जलाएं। की प्राप्ति होती है। आइए, लाल फूल, चंदन, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें।  इस दिन उनकी पूजा कर ३० सरवनभवाय नमः' या '३० स्कंदाय नमः' मंत्र का जाप कररे। संभव हो तो कार्तिकेय स्तोत्र या सुबहमण्य कवचम् का पाठ करें।  _ आशीर्वाद प्राप्त करें। For more spiritual updates follow us on Facebook - ShareChat