विश्व एड्स वैक्सीन दिवस
हर साल 18 मई को विश्व एड्स वैक्सीन दिवस के रूप में मनाया जाता है. लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन का आयोजन होता है. यह दिन इसलिए भी मनाया जाता है ताकि एड्स जैसी बीमारी के लिए टीके की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया जा सके. एड्स जैसी बीमारी का इलाज संभव है लोगों को इस बात का विश्वास दिलाना बहुत आवश्यक है और इस दिन विभिन्न संस्थाएं, चिकित्सक मिलकर यही काम करते हैं. आज-तक एचआईवी की कोई दवा नहीं बनी है लेकिन टीके के माध्यम से इससे खुद का बचाव अवश्य किया जा सकता है. विश्व एड्स टीकाकरण दिवस पर वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों के बीच एड्स के टीके को लेकर चर्चाएं होती हैं. आने वाले समय मेंवैक्सीन को लेकर और क्या संभावनाएं बन सकती हैं, इन पर भी विचार-विमर्श किया जाता है. हर साल इस दिन को मनाने के लिए और जागरूकता लाने के लिए विषय चुना जाता है. विश्व एड्स दिवस 2021 की थीम वैश्विक एकजुटता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज इस आयोजन में दुनिया का नेतृत्व करता है. यह पहली बार मई 1998 में मॉर्गन स्टेट यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के 1997 में भाषण के बाद मनाया गया था, जहां उन्होंने कहा था कि एक टीका ही प्रसार को सीमित करने और अंततः एचआईवी का सफाया करने का एकमात्र तरीका था। #जागरूकता दिवस


