ShareChat
click to see wallet page
search
#जय श्री कृष्ण मुरली मधुर बजावत फिरैं, गौवन बीच बिहारी। जहँ-जहँ पड़त चरण रज, होत भूमि सुखकारी॥ गैया सुनि स्वर श्याम के, प्रेम मगन मुसकाय। गोपाल संग गोपाल हरि, आनंद अमृत बरसाय॥ श्रीकृष्ण गायों के बीच मधुर बांसुरी बजाते हुए विचरण कर रहे हैं। उनके चरणों की धूल से धरती भी पावन और सुखदायी हो जाती है। बांसुरी की तान सुनकर गौमाता प्रेम में मग्न हो जाती हैं और भगवान गोपाल अपने स्नेह से पूरे वातावरण में आनंद और अमृत की वर्षा कर देते हैं। राधे राधे। जय श्रीकृष्ण। ...
जय श्री कृष्ण - ShareChat