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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
📝कविता / शायरी/ चारोळी - वो बचपन की अमीरी न जाने अब कहाँ खो गयी "वो दिन ही कुछ और थे" जब बारिश के पानी में हमारे भी जहाज चला करते थे ...!! वो बचपन की अमीरी न जाने अब कहाँ खो गयी "वो दिन ही कुछ और थे" जब बारिश के पानी में हमारे भी जहाज चला करते थे ...!! - ShareChat