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दोहा अमीर ख़ुसरो #✒ शायरी
✒ शायरी - दोहा साजन ये मति जानियो, तोहे बिछड़त मोको चैन। दिया जलत है रात में, और जिया जलत दिन रैन। | अमीर. ख़ुसरो दोहा साजन ये मति जानियो, तोहे बिछड़त मोको चैन। दिया जलत है रात में, और जिया जलत दिन रैन। | अमीर. ख़ुसरो - ShareChat