My Bite
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"और तुम"
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सोचता हूँ मै कभी कभी,
कि तुम होती मेरे राहों मे।
मंद-मंद मुस्काता मै,
रास्तों के लंबी बाँहों मे।
थोड़ी सी घबरा के यूँ,
नजर झुका शर्माती तुम।
मै छेरता भौरे सा,
कली सी फिर इठलाती तुम।
कभी चमकती कभी छमकती,
नैनो से ओझल हो जाती फिर।
बात बढ़ा के साँस बढ़ा के,
सामने तुम आजाती फिर।
धीरे-धीरे बढ़ती तुम,
पिछे-पिछे आता मै।
इन नशीली अदा के आगे,
कही किधर खो जाता मै।
ना कोई शोर वहाँ,
ना ही कोई साथी होते।
दिल मे सिर्फ एक लहर होती,
एक दिल दो राही होते।
चोरी-चोरी फिर-फिर से चोरी,
दिल ही दिल से करते हम।
कोई ना कहता हमको कुछ भी,
एक दूजे पे ऐसे मरते हम।
नजर मिला के हमसे फिर,
सिने पे दबन बढ़ाती तुम।
मै सोचता रहता हूँ,
कभी कही से आजाती तुम।
मै सोचता रहता हूँ.........💕💞
....✍️ रवि प्रताप सिंह"(पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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