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☝ मेरे विचार - Zrel dहिळभार्र जयपः सोमवार २९ जून २०२६ usled करौली के रमेश तिवाडी तालाब में तैराकी कैे साथ जल-्व्यायाम व आसनों का अभ्यास भी करते हैं ८३ साल के बुजुर्ग रोज बच्चौं को सिखा रहे तैराकी , ५०० से अधिक को सिखाया को निशुल्क तैराकी सिखा चुके सहजता से तालाब को तीन बार पार कर +`79TR +951715;)) युवाओं लेते हैं। तिवाड़ी केवल लंबी दूरी की तैराको है। यही नहीं, रणगमां तालाब में डूबते ही नहीं करते बल्कि तालाब में विभिन्न हुए करीब २५ लोगों की भी जान बचा িওান    तैराकी तकनीकों और जल्व्यायाम के रशतिवाली आल चुके है।  शवाणो वे रोज तड़के सुबह 4 बजे उठते हैं। आसर्नों का अभ्यास भी करते है। योग Jर साइफेलिंग  रणगमां ताल पहुंचते है। प्रशिक्षक मुकुट बिहारी श्रोतिय बताते हैं पिल्तो ٩ ١٤١٩»؟٢ सील कि पिछले करीब तीन दशकों सेवे रमेश ह। िल बहां योगाभ्यास करने के बाद वे 2 घंटे खख तैराकी करते तैराकी करते हैं। करौली शहर का तिवाड़ी को लगातार तालाब में দ7ং' ৭ং {ত্রৌবশ तव और नई पीढ़ो को तैरना सिखाते हुए देख रहे प्रसिद्ध रणगवां तालाब लगभग न्तल। तेरकी मे a एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस है। कैला देवी मेले के दौरान भी जब बड़ी »٧  ٥٦«٢ ٦٢ ٦٢٢ संख्या में श्रद्धालु तालाब में स्नान करने विशाल तालाब को सामान्य तैराक मोरल ١ ٦  एक तिवाड़ी ने डूब रहे निपुण करने गें जुटे हुए ऐं। तिवाडी  बार पार करने में ही थक जाते हैं लेकिन आते हैं॰ तब कई बार रगेश ٥٥ ١٢ लोगों की जान बचाई है। कोतेराकी ८३ वर्षीय जलमित्र रमेश तिवाड़ी आज भी और ;1 ; 500 अधिक ^w 7 ঘুনসী @1~| Zrel dहिळभार्र जयपः सोमवार २९ जून २०२६ usled करौली के रमेश तिवाडी तालाब में तैराकी कैे साथ जल-्व्यायाम व आसनों का अभ्यास भी करते हैं ८३ साल के बुजुर्ग रोज बच्चौं को सिखा रहे तैराकी , ५०० से अधिक को सिखाया को निशुल्क तैराकी सिखा चुके सहजता से तालाब को तीन बार पार कर +`79TR +951715;)) युवाओं लेते हैं। तिवाड़ी केवल लंबी दूरी की तैराको है। यही नहीं, रणगमां तालाब में डूबते ही नहीं करते बल्कि तालाब में विभिन्न हुए करीब २५ लोगों की भी जान बचा িওান    तैराकी तकनीकों और जल्व्यायाम के रशतिवाली आल चुके है।  शवाणो वे रोज तड़के सुबह 4 बजे उठते हैं। आसर्नों का अभ्यास भी करते है। योग Jर साइफेलिंग  रणगमां ताल पहुंचते है। प्रशिक्षक मुकुट बिहारी श्रोतिय बताते हैं पिल्तो ٩ ١٤١٩»؟٢ सील कि पिछले करीब तीन दशकों सेवे रमेश ह। िल बहां योगाभ्यास करने के बाद वे 2 घंटे खख तैराकी करते तैराकी करते हैं। करौली शहर का तिवाड़ी को लगातार तालाब में দ7ং' ৭ং {ত্রৌবশ तव और नई पीढ़ो को तैरना सिखाते हुए देख रहे प्रसिद्ध रणगवां तालाब लगभग न्तल। तेरकी मे a एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस है। कैला देवी मेले के दौरान भी जब बड़ी »٧  ٥٦«٢ ٦٢ ٦٢٢ संख्या में श्रद्धालु तालाब में स्नान करने विशाल तालाब को सामान्य तैराक मोरल ١ ٦  एक तिवाड़ी ने डूब रहे निपुण करने गें जुटे हुए ऐं। तिवाडी  बार पार करने में ही थक जाते हैं लेकिन आते हैं॰ तब कई बार रगेश ٥٥ ١٢ लोगों की जान बचाई है। कोतेराकी ८३ वर्षीय जलमित्र रमेश तिवाड़ी आज भी और ;1 ; 500 अधिक ^w 7 ঘুনসী @1~| - ShareChat