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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 25.4.26 हास्य व्यंग पांव जलते उनके जिनके पास में जूते चप्पल नहीं होते यह लोग गरीब नहीं दिल से अमीर होते हैं तन मन जलता उनका जो अन्य के सुख से रहते हैं! ತಗಿ Status (Contacts) + # Aa 25.4.26 हास्य व्यंग पांव जलते उनके जिनके पास में जूते चप्पल नहीं होते यह लोग गरीब नहीं दिल से अमीर होते हैं तन मन जलता उनका जो अन्य के सुख से रहते हैं! ತಗಿ Status (Contacts) + # - ShareChat