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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - பஎவடி उजाले की शर्त बुरा नहीं है जीत का जश्न मनाना बुरा है जश्न को जीत समझना। बुरा नहीं है हार से दुःखी होना बुरा है दुःख को हार समझना।  बुरा नहीं प्रेम में क्रोधित होना बुरा है क्रोध को ही प्रेम समझाना। बुरा नहीं है मृत्यु का भय होना बुरा है मृत्यु के भय से मर जाना। बुरा नहीं है- बुरा हो जाना क्योकि हर प्रक्रिया में कभी कभी अंधकार भी आता है। बुरा तब हे॰ जबवही अंधकार पूरी प्रक्रिया को निगल ले और उजाला लोटना भूल जाए। - राजेंद्र सिंह परमार , भोपाल भास्कर कविता उत्सव की शीर्ष १०० कवि பஎவடி उजाले की शर्त बुरा नहीं है जीत का जश्न मनाना बुरा है जश्न को जीत समझना। बुरा नहीं है हार से दुःखी होना बुरा है दुःख को हार समझना।  बुरा नहीं प्रेम में क्रोधित होना बुरा है क्रोध को ही प्रेम समझाना। बुरा नहीं है मृत्यु का भय होना बुरा है मृत्यु के भय से मर जाना। बुरा नहीं है- बुरा हो जाना क्योकि हर प्रक्रिया में कभी कभी अंधकार भी आता है। बुरा तब हे॰ जबवही अंधकार पूरी प्रक्रिया को निगल ले और उजाला लोटना भूल जाए। - राजेंद्र सिंह परमार , भोपाल भास्कर कविता उत्सव की शीर्ष १०० कवि - ShareChat