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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोक रक्षकम् जिनके में सदा आनंद देने वाला मोदक (लड्डू) रहता हाथों সিন্ভ है, जो मुक्ति के मार्ग को करने वाले हैं॰ जिन्होंने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किया है और जो इस সমব जगत के रक्षक हैं॰ मैं उन्हें ١ नमन करता हरि शरणं मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोक रक्षकम् जिनके में सदा आनंद देने वाला मोदक (लड्डू) रहता हाथों সিন্ভ है, जो मुक्ति के मार्ग को करने वाले हैं॰ जिन्होंने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किया है और जो इस সমব जगत के रक्षक हैं॰ मैं उन्हें ١ नमन करता - ShareChat