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#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation ♦️ द्वापरयुग में कबीर साहेब 'करुणामय' ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल नहीं हो रहा था, तब कबीर साहेब ने अपने भक्त सुपच सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है: सुपच रूप धर आईया, सतगुरु पुरुष कबीर। तीन लोक की मेदनी, सुर नर मुनि जन भीर।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - परमात्मा चारों 31d8 युगों  द्वापरयुग में कबीट साहेब ' करुणामय ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल  नहींहोरहा तब कबीर साहेब ने अपने था सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ भक्त सुपच को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है सुपच रूप धर आईया , सतगुरु पुरूष कबीर तीन लोक की मेदनी , सुर नर मुनि जन भीर।l बदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां दिवस सुश्वरप्रकट 00| 29 ডূল 2026 परमात्मा चारों 31d8 युगों  द्वापरयुग में कबीट साहेब ' करुणामय ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल  नहींहोरहा तब कबीर साहेब ने अपने था सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ भक्त सुपच को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है सुपच रूप धर आईया , सतगुरु पुरूष कबीर तीन लोक की मेदनी , सुर नर मुनि जन भीर।l बदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां दिवस सुश्वरप्रकट 00| 29 ডূল 2026 - ShareChat