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एकदंत संकष्टी चतुर्थी #शुभ मुहूर्त #पूजन विधि #व्रत एवं त्योहार
शुभ मुहूर्त - 05-05-26 एकदन्त संकष्टी चतुर्थी मंगलवार चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता श्रीगणेश जी की विधि-विधान से पूजा  अर्चना की जाती है और विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले इस पर्व को एकदंत संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन ३ँठ गं गणपते नमः मंत्र का १०८ बार जप करना चाहिये। ज्येष्ठ माह के कृष्ण 1 चतुर्थी के रूप पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी में मनाया जाता है। इस बार यह पर्व मंगलवार को पड़ रहा है, मंगलवार के दिन चतुर्थी तिथि होने के कारण इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं, जिसे शास्त्रों में अत्यधिक शुभ माना गया है। और पूजा ' करने से विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के आशीर्वाद से इस दिन व्रत सभी समस्याओं का समाधान होता है, दरिद्रता का नाश होता है और স যুস্ত্র ' घर परिवार समृद्धि का वास होता है। इस दिन चंद्रमा को जल से अर्ध्य दे कर भगवान गणेश से अपनी मनोकामना पूरी करने की कामना की जाती है। यह व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति और संतान की रक्षा के लिए रखा जाता है। 05-05-26 एकदन्त संकष्टी चतुर्थी मंगलवार चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता श्रीगणेश जी की विधि-विधान से पूजा  अर्चना की जाती है और विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले इस पर्व को एकदंत संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन ३ँठ गं गणपते नमः मंत्र का १०८ बार जप करना चाहिये। ज्येष्ठ माह के कृष्ण 1 चतुर्थी के रूप पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी में मनाया जाता है। इस बार यह पर्व मंगलवार को पड़ रहा है, मंगलवार के दिन चतुर्थी तिथि होने के कारण इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं, जिसे शास्त्रों में अत्यधिक शुभ माना गया है। और पूजा ' करने से विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के आशीर्वाद से इस दिन व्रत सभी समस्याओं का समाधान होता है, दरिद्रता का नाश होता है और স যুস্ত্র ' घर परिवार समृद्धि का वास होता है। इस दिन चंद्रमा को जल से अर्ध्य दे कर भगवान गणेश से अपनी मनोकामना पूरी करने की कामना की जाती है। यह व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति और संतान की रक्षा के लिए रखा जाता है। - ShareChat