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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - टूटे हुए भरोसे के स्मारक इंसान ने गेट पर पहले पर्दा लगाया। থ্রীভা  विश्वास कम हुआ तो दरवाजा लगाया [9೯ और कमजोर हुआ तो ताला लगाया गया। fan मर गया तो सीसी टीवी मगर जब कैमरे लगाए जाने लगे। लोहे के ताले, कांच के कैमरे कागजों के कानून और मोबाइल के लोक दरअसल ये चारों और कुछ नहीं , बल्कि इंसान के भीतर मर चुके भरोसे के स्मारक हैं। हम जितने ' सुरक्षित होते जा रहे हैं, उतने ही ' अकेले भी होते जा रहे हैं। टूटे हुए भरोसे के स्मारक इंसान ने गेट पर पहले पर्दा लगाया। থ্রীভা  विश्वास कम हुआ तो दरवाजा लगाया [9೯ और कमजोर हुआ तो ताला लगाया गया। fan मर गया तो सीसी टीवी मगर जब कैमरे लगाए जाने लगे। लोहे के ताले, कांच के कैमरे कागजों के कानून और मोबाइल के लोक दरअसल ये चारों और कुछ नहीं , बल्कि इंसान के भीतर मर चुके भरोसे के स्मारक हैं। हम जितने ' सुरक्षित होते जा रहे हैं, उतने ही ' अकेले भी होते जा रहे हैं। - ShareChat