हम उस बस्ती में रहते हैं मोहसिन, जहाँ लोग अपने आइने तो नहीं देखते... लोगों के अंदर के आइने को देखते हैं। वहाँ वो नहीं ढूंढते हैं, जो खुद के अंदर महसूस करते हैं.. जैसे खुद को अच्छा दिखाते हैं, खुद को सच्चा बताते हैं, खुद को नेक समझते हैं, खुद को शरीफ़ समझते हैं... खुद को भला समझते हैं, खुद के अंदर हर अच्छाइयाँ दिखतीं, लेकिन... लेकिन दूसरों के अंदर, दूसरों के अंदर बुराइयाँ दिखतीं, दूसरों के अंदर खामियां दिखतीं, दूसरों के बारे में बुरा महसूस करते हैं... हमें खुद के बारे में जैसा गुमान रखना है, हालांकि वैसा ही गुमान दूसरों के बारे में भी रखना चाहिए.... इंसान जब तक खुद के 'अंदर के आइने' को साफ नहीं करता, तब तक उसे दूसरों में सिर्फ दाग ही दिखाई देते हैं। इंसान तो शैतान का दूसरा साथी है... फिर यहाँ कौन ईश्वर, अल्लाह, भगवान बन बैठा है... #hedayat_thoughts #hedayatthoughts #thoughts #poetry #hedayatwrite #writer ##️⃣DilShayarana💘 #😒दर्द भरी शायरी🌸 #🌸 सत्य वचन #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👉 लोगों के लिए सीख👈
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