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#जय श्री कृष्ण
एक बार नारद मुनि ने भगवान कृष्ण से पूछा, "हे प्रभु! आपके मंत्र की महिमा और शक्ति क्या है? कृपया मुझे विस्तार से समझाएं।"
भगवान कृष्ण ने मुस्कराकर उत्तर दिया, "नारद! मैं मुख से इसकी महिमा व्यक्त नहीं कर सकता, लेकिन मैं तुम्हें इसका अनुभव करा सकता हूँ।"
कीड़ा (Worm): कृष्ण ने नारद जी को एक छोटे से कीड़े के कान में मंत्र (ॐ नमो नारायणाय / हरे कृष्ण) बोलने को कहा। नारद जी ने जैसे ही मंत्र कहा, वह कीड़ा तुरंत मर गया। नारद जी घबरा गए!
तितली (Butterfly): कृष्ण ने शांत भाव से कहा, "कोई बात नहीं नारद, अब उस तितली के कान में यह मंत्र कहो।" नारद जी ने वैसा ही किया और तितली भी तुरंत गिरकर मर गई।
हिरण और बछड़ा (Deer & Calf): कृष्ण के कहने पर नारद जी ने डरते-डरते वही मंत्र एक हिरण और फिर एक नवजात बछड़े के कान में कहा। दोनों की भी तत्काल मृत्यु हो गई।
राजकुमार (The Prince): नारद जी अत्यंत व्यथित हो गए और सोचने लगे कि उनके कारण निर्दोष जीवों की हत्या हो रही है। तब कृष्ण ने उनसे कहा, "अब काशी नगर जाओ। वहाँ राजा के यहाँ एक पुत्र का जन्म हुआ है, उसके कान में जाकर यह मंत्र कहो।"
नारद जी भयभीत होकर काशी पहुँचे। राजा ने उनका स्वागत किया और नवजात शिशु को आशीर्वाद देने का अनुरोध किया। नारद जी ने काँपते हुए शिशु के कान में मंत्र का उच्चारण किया।
अचानक वह नवजात शिशु उठ बैठा और मुस्कुराते हुए बोला:
"हे देवर्षि नारद! आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। आपने मुझे हर जन्म में प्रभु का नाम सुनाकर निम्न योनियों (कीड़ा, तितली, पशु) के बंधन से मुक्त किया और आज मुझे यह श्रेष्ठ मानव जीवन प्राप्त हुआ है।"