#ଜୟ ଶ୍ରୀ ରାମ #🛕🪔ଶ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ପଞ୍ଚମୁଖୀ ହନୁମାନ 🪔🛕 #🚩ସନାତନ ଧର୍ମ💪 #😇ଗୁରୁ ମହିମା🙌 #ନମୋ ଭଗବତେ ବାସୁଦେବାୟ
🌞 *श्री सीताराम सुप्रभातम* 🌞
*कहहु सखी अस को तनु धारी। जो न मोह यह रूप निहारी॥*
*कोउ सप्रेम बोली मृदु बानी। जो मैं सुना सो सुनहु सयानी॥*
भावार्थ:-हे सखी! (भला) कहो तो ऐसा कौन शरीरधारी होगा, जो इस रूप को देखकर मोहित न हो जाए (अर्थात यह रूप जड़-चेतन सबको मोहित करने वाला है)। (तब) कोई दूसरी सखी प्रेम सहित कोमल वाणी से बोली- हे सयानी! मैंने जो सुना है उसे सुनो-।।
*ए दोऊ दसरथ के ढोटा। बाल मरालन्हि के कल जोटा॥*
*मुनि कौसिक मख के रखवारे। जिन्ह रन अजिर निसाचर मारे॥*
भावार्थ:-ये दोनों (राजकुमार) महाराज दशरथजी के पुत्र हैं! बाल राजहंसों का सा सुंदर जोड़ा है। ये मुनि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा करने वाले हैं, इन्होंने युद्ध के मैदान में राक्षसों को मारा है॥
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