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#बलिदान दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #शहीद दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🙏🏻माँ तुझे सलाम
बलिदान दिवस - बलिदान दिवस पर शत शत नमः २७ जून सन १८५७ को समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित १६७ क्रांतिकारियों को अंग्रेजो ने कानपूर के सती  चौरा घाट पर एक बरगद के पेड़ से लटका कर कच्ची फांसी  २७ जून १८५७ ೩೩೫ ! ज्ञात हो कि समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित १६७ नाविकों ने कई हजार अंग्रेजों को एक साथ कानपूर में बीच नदी में डूबा कर मार दिया था पता चलने पर बाद में अंग्रेजों ने समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित सभी १६७ नाविकों /क्रांतिकारियों को नदी के उसी घाट पर अंग्रेजों ने बरगद के पेड़ से लटका कर कच्ची फांसी दे दी थी जहां १६७ निषादजनों को फांसी दी गई। नाविकों / क्रांतिकारियों की पत्नियाँ (जो अंग्रेजों की पत्नियों के यहाँ नोकर थीं) वह भी अंग्रेजों की पत्नियों को मार कर कानपूर के सती चौरा घाट पर सती हो गयी थी उनके सती हो जाने पर उस घाट का नाम सती चौरा घाट शत शत नमन अमर बलिदानियों को पड़ा ! बलिदान दिवस पर शत शत नमः २७ जून सन १८५७ को समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित १६७ क्रांतिकारियों को अंग्रेजो ने कानपूर के सती  चौरा घाट पर एक बरगद के पेड़ से लटका कर कच्ची फांसी  २७ जून १८५७ ೩೩೫ ! ज्ञात हो कि समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित १६७ नाविकों ने कई हजार अंग्रेजों को एक साथ कानपूर में बीच नदी में डूबा कर मार दिया था पता चलने पर बाद में अंग्रेजों ने समाधान निषाद व लोचन निषाद सहित सभी १६७ नाविकों /क्रांतिकारियों को नदी के उसी घाट पर अंग्रेजों ने बरगद के पेड़ से लटका कर कच्ची फांसी दे दी थी जहां १६७ निषादजनों को फांसी दी गई। नाविकों / क्रांतिकारियों की पत्नियाँ (जो अंग्रेजों की पत्नियों के यहाँ नोकर थीं) वह भी अंग्रेजों की पत्नियों को मार कर कानपूर के सती चौरा घाट पर सती हो गयी थी उनके सती हो जाने पर उस घाट का नाम सती चौरा घाट शत शत नमन अमर बलिदानियों को पड़ा ! - ShareChat