221 2121 1221 212
दिल पर गमो के साए कई साल हो गए
बद किस्मती लिखाए कई साल हो गए
यूँ आँख से लहू बरसता ही रहा मेरी
आँखों को मुस्कराए कई साल हो गए
उम्मीद भी करूँ तो करूँ कैसे में तेरी
अपना ये दिल लुटाए कई साल हो गए
तुम चेहरे का दर्द न पढ़ पाओगे मेरे
ये दर्दे दिल छुपाए कई साल हो गए
हमने सुना है शौक मुहब्बत का तुम्हे है
उल्फत में दिल जलाए कई साल हो गए
कुछ जानते भी हो वफ़ा के बारे में यहाँ
ठोकर वफ़ा में खाए कई साल हो गए
( लक्ष्मण दावानी ✍ )
27/2/2017 #📚कविता-कहानी संग्रह #शायरी #💝 शायराना इश्क़ #✒ शायरी #📜मेरी कलम से✒️


