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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - थकी हुई रात रात होते ही जिंदगी का हिसाब याद आने लगता है। किसे खोया, কিম সপালা; और खुद को कहाँ छोड़ आए.. सब याद आ जाता है। अजीब है ना - दिन में जिस दर्द को हम हँसकर छुपा लेते हैं, रात वही दर्द चुपचाप आकर हमारे पास बैठ जाता है। @sona_creationa3 थकी हुई रात रात होते ही जिंदगी का हिसाब याद आने लगता है। किसे खोया, কিম সপালা; और खुद को कहाँ छोड़ आए.. सब याद आ जाता है। अजीब है ना - दिन में जिस दर्द को हम हँसकर छुपा लेते हैं, रात वही दर्द चुपचाप आकर हमारे पास बैठ जाता है। @sona_creationa3 - ShareChat