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#*આપણે વિચારીશું ખરા?* #सोचने वाली बात #😇 સુવિચાર #Islam and We #points to ponder
*આપણે વિચારીશું ખરા?* - *Ask your conscience about Sin and Good Work.. You are the best judge. * 1/7/26 * *"तुम  नेकी और गुनाह के बारे में पूछने आए हो? अपने दिल से पूछो, अपने मन से*्पूछो। नेकी वह है जिस पर दिल और आत्मा को इत्मीनान हो जाए। और गुनाह वह है जो दिल में खटके और सीने में* *बेचैनी पैदा करे, चाहे लोग तुम्हें उसके जायज़ होने का फ़तवा ही क्यों न देते* *रहें। "* মন্: [Sunan al-Darimi 2533](https:ILwww abuaminaelias com/dailyhadithonline /2012/06/25/consult-conscience-fatwa/ 2utm_sourcezchatgpt com) *Musnad Ahmad (4/227-228)* हदीस *Mishkat al-Masabih ন 2774 (হম अर्थ के साथ संकलित)* रिवायत* *(२) मिश्कात शरीफ़ की एक दूसरी  *हज़रत अबू उमामा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत 8:* বুদ্কাঠী নব্ধী নুদ্ক दे और तुम्हारा *> "जब खुशी फिर पूछा करे, तो तुम मोमिन हो।" गुनाह तुम्हें दुःखी गयाः " गुनाह क्या है?" *आपने फ़रमायाः "जो चीज़ दिल में खटके, उसे छोड़ दो।"* तुम्हारे संदर्भः Mishkat al-Masabih কতীস ন 45 (ব্রুব্ধ 1, हदीस ४१ ) *Ask your conscience about Sin and Good Work.. You are the best judge. * 1/7/26 * *"तुम  नेकी और गुनाह के बारे में पूछने आए हो? अपने दिल से पूछो, अपने मन से*्पूछो। नेकी वह है जिस पर दिल और आत्मा को इत्मीनान हो जाए। और गुनाह वह है जो दिल में खटके और सीने में* *बेचैनी पैदा करे, चाहे लोग तुम्हें उसके जायज़ होने का फ़तवा ही क्यों न देते* *रहें। "* মন্: [Sunan al-Darimi 2533](https:ILwww abuaminaelias com/dailyhadithonline /2012/06/25/consult-conscience-fatwa/ 2utm_sourcezchatgpt com) *Musnad Ahmad (4/227-228)* हदीस *Mishkat al-Masabih ন 2774 (হম अर्थ के साथ संकलित)* रिवायत* *(२) मिश्कात शरीफ़ की एक दूसरी  *हज़रत अबू उमामा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत 8:* বুদ্কাঠী নব্ধী নুদ্ক दे और तुम्हारा *> "जब खुशी फिर पूछा करे, तो तुम मोमिन हो।" गुनाह तुम्हें दुःखी गयाः " गुनाह क्या है?" *आपने फ़रमायाः "जो चीज़ दिल में खटके, उसे छोड़ दो।"* तुम्हारे संदर्भः Mishkat al-Masabih কতীস ন 45 (ব্রুব্ধ 1, हदीस ४१ ) - ShareChat