“दुख के अब दिन बीतत नाही, दुख के! ना मैं किसी का, ना कोई मेरा, छाया चारों और अँधेरा; अब कुछ सूझत नाही, मोरे! अब दिन बीतत नाही! 90 सालों के बाद फिर से एक नए ज़माने का देवदास - इटालियन की कोख से! #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🗞️पॉलिटिकल अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #😝ट्रेंडिंग मीम्स #📢 ताजा खबर 📰
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