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#ab koi jikar nhi #meri life me uska bi jikar tha
ab koi jikar nhi - ज़िक्र होता है ज़िक्र होता है जब कयामत का तेरे जलवों की बात होती है तू जो चाहे तो दिन निकलता है तू जो चाहे तो रात होती है देखा है मेरी नज़रों ने तुझको तेरी तारीफ़ होे मगर कैसे के बने ये नज़र কম जुबां के बने ये जुबान नज़र कैसे ना जुबां को दिखाई देता है ना निगाहो से बात होती है मुस्कुराती हुयी 314 तू चली तो बिखर जाये हरतरफ कलियाँ जाये उठके पहलू से तू चली तो उजड़ जाये की गलियाँ फूलों  जिस तरफ होती है नज़र तेरी #8 उस तरफ क़ायनात निगाहों से ना पिलाए तो अश्क्र भी पीनेवाले पीते है वैसे जीने को तो तेरे बिन भी इस ज़माने मे लोग जीते है ज़िंदगी तो उसी को कहते है जो बसर तेरे साथ होती है << ज़िक्र होता है ज़िक्र होता है जब कयामत का तेरे जलवों की बात होती है तू जो चाहे तो दिन निकलता है तू जो चाहे तो रात होती है देखा है मेरी नज़रों ने तुझको तेरी तारीफ़ होे मगर कैसे के बने ये नज़र কম जुबां के बने ये जुबान नज़र कैसे ना जुबां को दिखाई देता है ना निगाहो से बात होती है मुस्कुराती हुयी 314 तू चली तो बिखर जाये हरतरफ कलियाँ जाये उठके पहलू से तू चली तो उजड़ जाये की गलियाँ फूलों  जिस तरफ होती है नज़र तेरी #8 उस तरफ क़ायनात निगाहों से ना पिलाए तो अश्क्र भी पीनेवाले पीते है वैसे जीने को तो तेरे बिन भी इस ज़माने मे लोग जीते है ज़िंदगी तो उसी को कहते है जो बसर तेरे साथ होती है << - ShareChat