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#तुम कभी थे सूर्य
तुम कभी थे सूर्य - तुम कभी थे सूर्य लेकिन अब दियों तक आ गये। कभी मुख्पृष्ठ पर अब हाशियों तक आ गये II थे यवनिका बदली कि सारा दृष्य बदला मंच का | थे कभी दुल्हा स्वयं बारातियों तक आ गये ।। पहिया किसे कुचले कहां कबू क्या पता। वक्त का कभी रथवान अब बैसाखियों तक आ गये ।। 2 ली सत्ता किसी वारांगना से कम नहीं | दख जो कि अध्यादेश थे खुद अर्जियों तक आ गये ।। बोल लेते खूब हो। मे तुम ` देश संदर्भ  कुर्सियों तक आ गये ।l बात ध्वज की थी चलाई प्रेम के आख्यान मे तुम आत्मा से थे चले | घूम फिर कर देह की गोलाईयों तक आ गये कुछ बिके आलोचकों की मानकर ही गीत को | तुम ऋचाएं मानते थे गालियों तक आ गये । सभ्यता के पंथ पर यह आदमी की यात्रा ] देवताओं से शुरु की वहशियों तक आ गये ।l तुम कभी थे सूर्य लेकिन अब दियों तक आ गये। कभी मुख्पृष्ठ पर अब हाशियों तक आ गये II थे यवनिका बदली कि सारा दृष्य बदला मंच का | थे कभी दुल्हा स्वयं बारातियों तक आ गये ।। पहिया किसे कुचले कहां कबू क्या पता। वक्त का कभी रथवान अब बैसाखियों तक आ गये ।। 2 ली सत्ता किसी वारांगना से कम नहीं | दख जो कि अध्यादेश थे खुद अर्जियों तक आ गये ।। बोल लेते खूब हो। मे तुम ` देश संदर्भ  कुर्सियों तक आ गये ।l बात ध्वज की थी चलाई प्रेम के आख्यान मे तुम आत्मा से थे चले | घूम फिर कर देह की गोलाईयों तक आ गये कुछ बिके आलोचकों की मानकर ही गीत को | तुम ऋचाएं मानते थे गालियों तक आ गये । सभ्यता के पंथ पर यह आदमी की यात्रा ] देवताओं से शुरु की वहशियों तक आ गये ।l - ShareChat
#संभव विडंबना भी
संभव विडंबना भी - संभव विडंबना भी है साथ नव सृजन के उल्लास तो बढ़ेंगे , परिहास कम न होंगे अलगाव की विवशता  हरदम निकट रही इतना प्रयत्न फिरभी दूरी न घट रही है होगा विकास फिर भी संभाव्य विपर्यय आवास तो बढ़ेंगे , वनवास कम न होंगे। में हो परिणाम पक्ष परितोष पर न होगा हो प्राप्त सफलताएं संतोष पर न होगा हर प्राप्ति में विफलता का बोध शेष होगा हों भोज अधिक फिर भी उपवास कम न होंगे भौतिक पदार्थवादी उपलब्धियां बढेंगी रक्तों रंगी वसीयत क्या पीढ़ियां पढ़ेंगी? उपभोग्य वस्तुओं में है वस्तु  आदमी भी सपन्नता बढ़ेगी , संत्रास कम न होंँगे। संभव विडंबना भी है साथ नव सृजन के उल्लास तो बढ़ेंगे , परिहास कम न होंगे अलगाव की विवशता  हरदम निकट रही इतना प्रयत्न फिरभी दूरी न घट रही है होगा विकास फिर भी संभाव्य विपर्यय आवास तो बढ़ेंगे , वनवास कम न होंगे। में हो परिणाम पक्ष परितोष पर न होगा हो प्राप्त सफलताएं संतोष पर न होगा हर प्राप्ति में विफलता का बोध शेष होगा हों भोज अधिक फिर भी उपवास कम न होंगे भौतिक पदार्थवादी उपलब्धियां बढेंगी रक्तों रंगी वसीयत क्या पीढ़ियां पढ़ेंगी? उपभोग्य वस्तुओं में है वस्तु  आदमी भी सपन्नता बढ़ेगी , संत्रास कम न होंँगे। - ShareChat
#देख देख एक बाला
देख देख एक बाला - देख देख एक बाला जोगी द्वारे मेरे आया हो ।ध्रु० ।ा  पीतपीतांबर गंगा बिराजे अंग बिभूती लगाया हो। तीन नेत्र अरु तिलक चंद्रमा जोगी जेटा बनाया हो Il 3I भिछा ले निकसी नंदरानी मोतीयन थाल भराया हो ल्यो जोगी जाओ आसनपर मेरा लाल दराया हो ।l  २ ना चईये तेरी माया हो अपनो गोपाल बताव नंदरानी हम दरशनकु आया हो Il३।l बालकले निकसी नंदरानी जोगीयन दरसन पाया हो दरसन पाया प्रेम बस नाचे मन मंगल दरसाया हो I 8I देत आसीस चले आसनपर चिरंजीव तेरा जाया हो सूरदास प्रभु सखा बिराजे आनंद मंगल गाया हो ५l देख देख एक बाला जोगी द्वारे मेरे आया हो ।ध्रु० ।ा  पीतपीतांबर गंगा बिराजे अंग बिभूती लगाया हो। तीन नेत्र अरु तिलक चंद्रमा जोगी जेटा बनाया हो Il 3I भिछा ले निकसी नंदरानी मोतीयन थाल भराया हो ल्यो जोगी जाओ आसनपर मेरा लाल दराया हो ।l  २ ना चईये तेरी माया हो अपनो गोपाल बताव नंदरानी हम दरशनकु आया हो Il३।l बालकले निकसी नंदरानी जोगीयन दरसन पाया हो दरसन पाया प्रेम बस नाचे मन मंगल दरसाया हो I 8I देत आसीस चले आसनपर चिरंजीव तेरा जाया हो सूरदास प्रभु सखा बिराजे आनंद मंगल गाया हो ५l - ShareChat
#नंद दुवारे एक जोगी आयो
नंद दुवारे एक जोगी आयो - नंद दुवारे एक जोगी आयो शिंगी नाद बजायो | सीश जटा शशि वदन सोहाये अरुण नयन छबि ಅೆ II F IIgoIl रोवत खिजत कृष्ण सावरो रहत नही हुलरायो लीयो उठाय गोद नंदरानी द्वारे जाय दिखायो Il F4oIgII  अलख अलख करी लीयो गोदमें चरण चुमि उर लायो श्रवण लाग कछु मंत्र सुनायो हसी बालक कीलकायो Il नंद I२ l चिरंजीवोसुत महरी तिहारो हो जोगी सुख पायो ( सूरदास रमि चल्यो रावरो संकर नाम बतायो I१ नंद।। 31 नंद दुवारे एक जोगी आयो शिंगी नाद बजायो | सीश जटा शशि वदन सोहाये अरुण नयन छबि ಅೆ II F IIgoIl रोवत खिजत कृष्ण सावरो रहत नही हुलरायो लीयो उठाय गोद नंदरानी द्वारे जाय दिखायो Il F4oIgII  अलख अलख करी लीयो गोदमें चरण चुमि उर लायो श्रवण लाग कछु मंत्र सुनायो हसी बालक कीलकायो Il नंद I२ l चिरंजीवोसुत महरी तिहारो हो जोगी सुख पायो ( सूरदास रमि चल्यो रावरो संकर नाम बतायो I१ नंद।। 31 - ShareChat
#राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे
राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे - राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे भजो मेरे प्यारे जपो मेरे அR ugoll भजो गोविंद गोपाळ राधे कृष्ण कहो मेरे Il प्यारे॰ ।l 3 I कृष्णजीकी लाल लाल अखियां हो लाल अखियां ডীর্ৎী ভিলীইযুলোন IlRrejoIIRII सिरपर मुगुट विराजे हो विराजे बन्सी शोभे रसाल IRI9oII3II पितांबर पटकुलवाली हो पटकुलवाली कंठे সীনিএনকী সাল IRreO [I8II शुभ काने कुंडल झलके हो कुंडल झलके | तिलक शोभेरे ललाट IIराधे॰ II५ll 8 सूरदास चरण बलिहारी हो चरण बलिहारी | मै तो तिहारो दास Iराधे॰ Il६ll जनम जनम राधे कृष्ण कहो मेरे प्यारे भजो मेरे प्यारे जपो मेरे அR ugoll भजो गोविंद गोपाळ राधे कृष्ण कहो मेरे Il प्यारे॰ ।l 3 I कृष्णजीकी लाल लाल अखियां हो लाल अखियां ডীর্ৎী ভিলীইযুলোন IlRrejoIIRII सिरपर मुगुट विराजे हो विराजे बन्सी शोभे रसाल IRI9oII3II पितांबर पटकुलवाली हो पटकुलवाली कंठे সীনিএনকী সাল IRreO [I8II शुभ काने कुंडल झलके हो कुंडल झलके | तिलक शोभेरे ललाट IIराधे॰ II५ll 8 सूरदास चरण बलिहारी हो चरण बलिहारी | मै तो तिहारो दास Iराधे॰ Il६ll जनम जनम - ShareChat