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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - वफादार थी इसीलिए अकेली हूं भीड़  धोखेबाज होती तो मर्दों की लगी होती. .! 100 @sona_creationa3 वफादार थी इसीलिए अकेली हूं भीड़  धोखेबाज होती तो मर्दों की लगी होती. .! 100 @sona_creationa3 - ShareChat