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अंतिम पार्ट 2 #☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - {2{3r 0{e3 शुरुआती पहचान के लिए संचार व्यवहार ओर सीखने सबसे अहम होते है। तरीके मेंअंतर आता है। खतरनाकः नशे जैसा है डिजिटल एडिक्शन खान पान की आदतें एम्स की एक अन्य खराब हो रहीं॰॰॰ स्टडी बताती है॰॰. बच्चों माता पिता अक्सर बच्चों में डिजिटल एडिक्शन को खाना खिलाते समय या उन्हें शांत नशीली दवाओं की लत समान है। रखने के लिए मोबाइल का उपयोग  एम्स में ऐसे मामले आए हैं जहां छोटे करते हैं, जो उनके खान॰पान की बच्चे (९ साल) कार्टून पात्रों की नकल आदतों को प्रभावित कर रहा है। करते हैं। असल दुनिया से कट जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति॰ बच्चों को मोटा भी कर ५०% छोटे बच्चे सुरक्षित  रहा स्क्रीन टाइम.॰ सीमा से कहीं अधिक नेशनल लाइब्रेरी ऑफ  स्क्रीन देखते हैं। एम्स ने ये अध्ययन मेडिसिन की २४ साल की स्टडी बताती है कि यूएस में ज्यादा स्क्रीन टाइम से हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में किया है। ज्यादातर बच्चों में स्क्रीन से जुड़ी ४३.४% बच्चों में मोटापा, ८.४% में डायबिटीज की दिक्कतें हुईं।  समस्याओं के लक्षण एक जैसे मिले। बच्चों को इस सुझाव 0 तरह बहला सकते हैं॰॰ सोने से कम से कम 1 घंटा पहले डिजिटल उपकरण बंद कर दें। सभी बेडरूम और डाइनिंग टेबल को मोबाइल मुक्त क्षेत्र बनाएं।  সমীন ক নন্সী কী 14-17 उनके साथ खेलें बातचीत करें। 03 घंटे और ४ ११ महीने के बच्चों को बच्चों को कहानियां सुनाएं। उनके घंटे की नींद लेने दें। সাথ কিনান পট/ ০ে মাননীয 12~16` १ २ साल बच्चों को ११ से १४ घंटे स्पर्श का विकल्प नहीं हो सकता। और ३ ४ साल बच्चों को १० से १३ एक जगह रोके रखने के बजाय घंटे की अच्छी नींद चाहिए। खेलने - कूदने को प्रेरित करें।  सबसे जरूरीः 0 से १८ महीने के बच्चों का स्कीन टाइम जीरो रखें। 6 साल से ऊपर हैं तो 2 घंटे रखें।  {2{3r 0{e3 शुरुआती पहचान के लिए संचार व्यवहार ओर सीखने सबसे अहम होते है। तरीके मेंअंतर आता है। खतरनाकः नशे जैसा है डिजिटल एडिक्शन खान पान की आदतें एम्स की एक अन्य खराब हो रहीं॰॰॰ स्टडी बताती है॰॰. बच्चों माता पिता अक्सर बच्चों में डिजिटल एडिक्शन को खाना खिलाते समय या उन्हें शांत नशीली दवाओं की लत समान है। रखने के लिए मोबाइल का उपयोग  एम्स में ऐसे मामले आए हैं जहां छोटे करते हैं, जो उनके खान॰पान की बच्चे (९ साल) कार्टून पात्रों की नकल आदतों को प्रभावित कर रहा है। करते हैं। असल दुनिया से कट जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति॰ बच्चों को मोटा भी कर ५०% छोटे बच्चे सुरक्षित  रहा स्क्रीन टाइम.॰ सीमा से कहीं अधिक नेशनल लाइब्रेरी ऑफ  स्क्रीन देखते हैं। एम्स ने ये अध्ययन मेडिसिन की २४ साल की स्टडी बताती है कि यूएस में ज्यादा स्क्रीन टाइम से हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में किया है। ज्यादातर बच्चों में स्क्रीन से जुड़ी ४३.४% बच्चों में मोटापा, ८.४% में डायबिटीज की दिक्कतें हुईं।  समस्याओं के लक्षण एक जैसे मिले। बच्चों को इस सुझाव 0 तरह बहला सकते हैं॰॰ सोने से कम से कम 1 घंटा पहले डिजिटल उपकरण बंद कर दें। सभी बेडरूम और डाइनिंग टेबल को मोबाइल मुक्त क्षेत्र बनाएं।  সমীন ক নন্সী কী 14-17 उनके साथ खेलें बातचीत करें। 03 घंटे और ४ ११ महीने के बच्चों को बच्चों को कहानियां सुनाएं। उनके घंटे की नींद लेने दें। সাথ কিনান পট/ ০ে মাননীয 12~16` १ २ साल बच्चों को ११ से १४ घंटे स्पर्श का विकल्प नहीं हो सकता। और ३ ४ साल बच्चों को १० से १३ एक जगह रोके रखने के बजाय घंटे की अच्छी नींद चाहिए। खेलने - कूदने को प्रेरित करें।  सबसे जरूरीः 0 से १८ महीने के बच्चों का स्कीन टाइम जीरो रखें। 6 साल से ऊपर हैं तो 2 घंटे रखें। - ShareChat