ShareChat
click to see wallet page
search
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं तुलसी जेहि के मुख नहीं , प्रभु को निर्मल नाम विद्या पढ़़ि के क्या करे, कीन्हो नहीं विश्राम तुलसीदास जी कहते हैं कि जिसके मुख में ईश्वर का नाम नहीं है और जिसके हृदय में शांति नहीं है॰ उसने कितनी ही विद्या क्यों न पढ ली हो, वह सब व्यर्थ है अर्थात सच्ची विद्या वही है जो कल्याणकारी हो हरि शरणं तुलसी जेहि के मुख नहीं , प्रभु को निर्मल नाम विद्या पढ़़ि के क्या करे, कीन्हो नहीं विश्राम तुलसीदास जी कहते हैं कि जिसके मुख में ईश्वर का नाम नहीं है और जिसके हृदय में शांति नहीं है॰ उसने कितनी ही विद्या क्यों न पढ ली हो, वह सब व्यर्थ है अर्थात सच्ची विद्या वही है जो कल्याणकारी हो - ShareChat