Pt Vinod Pandey 🚩
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#🐎महाराणा प्रताप जयंती ⚔️💐 ⚔️ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती: राष्ट्र गौरव का पर्व 🚩
आज अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के साक्षात प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की पावन जन्म जयंती है। इस गौरवशाली अवसर पर विशेष रूप से राजस्थानी समाज में प्रसिद्ध हल्दीघाटी मेले का भव्य आयोजन किया जाता है, जो संपूर्ण सनातनी समाज को राष्ट्र रक्षा की प्रेरणा देता है।
🪷 'रंभा तृतीया' महापर्व: माता गौरी व कुबेर देव की असीम कृपा 💰
ज्योतिष शास्त्र में 'जया' और 'सबला' नाम से विख्यात यह तृतीया तिथि बल और आरोग्यता प्रदान करने वाली है, जिसकी स्वामिनी माता गौरी और अधिष्ठाता धन के स्वामी कुबेर जी हैं:
अखंड सौभाग्य: आज सुहागन महिलाओं द्वारा माता गौरी की विशेष पूजा-अर्चना करने से अखंड सुहाग की प्राप्ति होती है और पति के जीवन पर आए संकट टलते हैं।
धन-धान्य की प्राप्ति: देवताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर जी की विशिष्ट आराधना करने से अतुलनीय सुख-संपदा का वास होता है।
विघ्नहर्ता पूजन: आज बुधवार के संयोग पर भगवान श्रीगणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, हरे मूंग और दूर्वा अर्पित करने से सभी रुके हुए कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। 🌿
🌟 कल का महामुहूर्त (18 जून): "गुरुपुष्यामृत योग" (गुरु-पुष्य योग) 👑
कल गुरुवार को सूर्योदय से लेकर दोपहर 11:32 तक नक्षत्रों के राजा पुष्य और देवगुरु बृहस्पति के मिलन से महादुर्लभ 'गुरुपुष्यामृत योग' रहेगा। शिवपुराणानुसार, पुष्य नक्षत्र शिवजी की साक्षात विभूति है, जो बड़े से बड़े अनिष्ट को अनुकूल बना देता है:
सौभाग्य बदलने का महाउपाय: कल इस महामुहूर्त में बरगद (वटवृक्ष) के पत्ते पर हल्दी से स्वच्छ 'स्वस्तिक' बनाकर अपने घर की तिजोरी या पवित्र स्थान पर रखें। यह उपाय समृद्धि की रक्षा और वृद्धि करता है। 💰
गुरु साधना: कल सुबह अपने गुरुमंत्र की माला का जप करने से सभी 27 नक्षत्रों के देवता प्रसन्न होते हैं। कल सद्गुरु का पूजन करते हुए 'ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः' मंत्र का यथासंभव जप करें।
पितृ अक्षय तृप्ति: इस कल्याणकारी योग में किए गए श्राद्ध व तर्पण से पितरों को अक्षय तृप्ति मिलती है।
⚠️ कड़ा शास्त्रोक्त नियम: ध्यान रखें कि पुष्य नक्षत्र में विवाह तथा उससे संबंधित मांगलिक कार्य शास्त्रों में सर्वथा वर्जित कहे गए हैं।
⚠️ विशेष सावधानियां, भोजन नियम और वर्जनाएं 🚫
आहार व दान निषेध: आज तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण (सेवन) दोनों ही पूरी तरह त्याज्य हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार आज परवल (पर्वल) का सेवन सर्वथा वर्जित है, क्योंकि यह शत्रुओं की वृद्धि करने वाला माना गया है। 🚫
दिशाशूल: आज बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल प्रभावी रहता है, अतः इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें। 🚩
🙏 आज का मंगल आशीर्वाद:
"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्।
नारायण नारायण! जय माँ गौरी! जय कुबेर देव! हर हर महादेव!"
रंभा तृतीया, रवि योग और महाराणा प्रताप जयंती के इस पावन महासंगम पर साक्षात जगतजननी गौरी, धनपति कुबेर और विघ्नहर्ता गणेश की संयुक्त अनुकंपा आपके जीवन को अटूट वैभव, आरोग्यता, पराक्रम और अखंड सौभाग्य से परिपूर्ण रखे। कल के अलौकिक गुरु-पुष्य योग की साधना हेतु आपको अग्रिम मंगल शुभकामनाएं।
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।।। नारायण नारायण ।।। जय माँ गौरी ।।। हर हर महादेव ।।।
#😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #🌞सुप्रभात सन्देश #🌷शुभ बुधवार #🌞 Good Morning🌞
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