विदेशेषु धनं विद्या व्यसनेषु धनं मति:।
परलोके धनं धर्म: शीलं सर्वत्र वै धनम्॥
भावार्थ - विदेश में विद्या ही सबसे उत्तम धन है, संकट में बुद्धि उत्तम धन है, परलोक में धर्म ही उत्तम धन है और शील, सहिष्णुता, विनम्रता तो सर्वत्र ही सर्वोत्तम धन है।
🙏🌹जय जय श्री राम जी🌹🙏
🙏🌹सुप्रभात वंदन🌹🙏
#शुभ मंगलवार #जय हनुमान


