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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - समझते समझते समझ में आया कि. लोग जितने हम उतने चालाक नहीं थे, Td निकले. हर किसी से भावनाएँ जोड़ लेना , हर किसी को दिल के क़रीब बिठा लेना , ये भूल हमारी थी, लोगों की नहीं ! वो तो खुद की मे मस्त थे, दुनिया हम ही बेवजह भावुक थे..!! @sona_creationa3 समझते समझते समझ में आया कि. लोग जितने हम उतने चालाक नहीं थे, Td निकले. हर किसी से भावनाएँ जोड़ लेना , हर किसी को दिल के क़रीब बिठा लेना , ये भूल हमारी थी, लोगों की नहीं ! वो तो खुद की मे मस्त थे, दुनिया हम ही बेवजह भावुक थे..!! @sona_creationa3 - ShareChat