ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - नारी तेजो पुरखु करावै पुरखन ते जो নিষতু नारीII कहु कबीर साधू को प्रीतमु ` बलिहारी Il मूरति कबीर दास जी के इस शब्द का गहरा अर्थ यह है किआत्मा न तो स्त्री मै तेरा और न ही पुरुष। वह परमात्मा ही है जो प्रकृति के स्त्री और पुरुष तत्वों के बीच संतुलन बनाता है और उन्हें अपनी इच्छानुसार रूप देता है। यह समस्त भिखारी संसार उसी करतार सृजनहार का एक अद्भुत खेल है। वह परमात्मा ही साधु यानी सत्य के खोजी का सच्चा प्रियतम है। मैं उस परमात्मा की ' मूरति जिओ उसकी सत्ता और स्वरूप पर बलिहारी जाता हूँ॰जो इस पूरे संसार को अपने विधान और नियमों से चला रहा है। ईश्वर की शक्ति किसी एक रूप या लिंग पहाडा और तक सीमित नहीं है; वह समस्त द्वंद्वों  जैसे स्त्री पुरुष, लाभ ्हानि ' से सर्वथा परे है। वह सर्वशक्तिमान है और असंभव को भी संभव Sq वाले करने की सामर्थ्य रखता है। कबीर जी आगे बताते हैं कि संसार की व्यर्थ उलझनों के बाबा बजाय, उस मूल सत्ता के प्रति प्रेम और समर्पण ही जीवन का असली सार है। मनुष्य अपनी बाहरी पहचान और शारीरिक জী भेदों में चाहे जितना भी उलझा रहे, अंततः वह उसी एक परम तत्व का अंश है। नारी तेजो पुरखु करावै पुरखन ते जो নিষতু नारीII कहु कबीर साधू को प्रीतमु ` बलिहारी Il मूरति कबीर दास जी के इस शब्द का गहरा अर्थ यह है किआत्मा न तो स्त्री मै तेरा और न ही पुरुष। वह परमात्मा ही है जो प्रकृति के स्त्री और पुरुष तत्वों के बीच संतुलन बनाता है और उन्हें अपनी इच्छानुसार रूप देता है। यह समस्त भिखारी संसार उसी करतार सृजनहार का एक अद्भुत खेल है। वह परमात्मा ही साधु यानी सत्य के खोजी का सच्चा प्रियतम है। मैं उस परमात्मा की ' मूरति जिओ उसकी सत्ता और स्वरूप पर बलिहारी जाता हूँ॰जो इस पूरे संसार को अपने विधान और नियमों से चला रहा है। ईश्वर की शक्ति किसी एक रूप या लिंग पहाडा और तक सीमित नहीं है; वह समस्त द्वंद्वों  जैसे स्त्री पुरुष, लाभ ्हानि ' से सर्वथा परे है। वह सर्वशक्तिमान है और असंभव को भी संभव Sq वाले करने की सामर्थ्य रखता है। कबीर जी आगे बताते हैं कि संसार की व्यर्थ उलझनों के बाबा बजाय, उस मूल सत्ता के प्रति प्रेम और समर्पण ही जीवन का असली सार है। मनुष्य अपनी बाहरी पहचान और शारीरिक জী भेदों में चाहे जितना भी उलझा रहे, अंततः वह उसी एक परम तत्व का अंश है। - ShareChat