ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - W सो बूझै जिसु आपि बुझाए।सतिगुर सेवा नामु द्रिड्हाएगजिन इकु जाता से जन पखाण्ुग नानक नामि रते दरिनीसाणुा ಹna < ஏசச हे भाई! वही मनुष्य उस परम सत्य या ईश्वर को समझ पाता है HoT जिसे वह ईश्वर स्वयं समझ प्रदान करता है। आध्यात्मिक ज्ञान केवल बुद्धि से नहीं, बल्कि ईश्वरीय कृपा से प्राप्त होता है। सच्चे लगे सेवा करने से मन में परमात्मा का नाम स्मरण दृढ़ होता गुरु की भीतर प्रभु की भक्ति को है। गुरु ही वह माध्यम है जो ' हमारे గా पक्का करता है। जिन्होंने उस 'एक' (अकाल पुरख) को जान लिया है, वे ही ईश्वर की दरगाह में स्वीकार्य (परवाणु ) होते हैं। जिन्होंने द्वैत भाव छोड़कर केवल एक परमात्मा को पहचाना, भाणा उनका जीवन सफल है। श्री गुरु नानक देव जी कहते हैं कि जो लोग परमात्मा के नाम के रंग में रंगे हुए है जिन्होंने एक परमात्मा के साथ गहरी सांझ डाल ली, वे परमात्मा के दर पर कबूल हो गए, वह मनुष्य परमात्मा के नाम में रंगे गए, परमात्मा के दर पर उनको आदर मिला। W सो बूझै जिसु आपि बुझाए।सतिगुर सेवा नामु द्रिड्हाएगजिन इकु जाता से जन पखाण्ुग नानक नामि रते दरिनीसाणुा ಹna < ஏசச हे भाई! वही मनुष्य उस परम सत्य या ईश्वर को समझ पाता है HoT जिसे वह ईश्वर स्वयं समझ प्रदान करता है। आध्यात्मिक ज्ञान केवल बुद्धि से नहीं, बल्कि ईश्वरीय कृपा से प्राप्त होता है। सच्चे लगे सेवा करने से मन में परमात्मा का नाम स्मरण दृढ़ होता गुरु की भीतर प्रभु की भक्ति को है। गुरु ही वह माध्यम है जो ' हमारे గా पक्का करता है। जिन्होंने उस 'एक' (अकाल पुरख) को जान लिया है, वे ही ईश्वर की दरगाह में स्वीकार्य (परवाणु ) होते हैं। जिन्होंने द्वैत भाव छोड़कर केवल एक परमात्मा को पहचाना, भाणा उनका जीवन सफल है। श्री गुरु नानक देव जी कहते हैं कि जो लोग परमात्मा के नाम के रंग में रंगे हुए है जिन्होंने एक परमात्मा के साथ गहरी सांझ डाल ली, वे परमात्मा के दर पर कबूल हो गए, वह मनुष्य परमात्मा के नाम में रंगे गए, परमात्मा के दर पर उनको आदर मिला। - ShareChat