ShareChat
click to see wallet page
search
सात द्वीप, सात स्वर्ग तथा सात पाताल - इन लोको सहित जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड है, वह ब्रह्माजी के अधिकार में है। ऐसे ऐसे असंख्य ब्रह्माण्ड हैं और महाविष्णु के रोमाञ्च-विवरों में उनकी स्थिति है। श्रीकृष्ण की माया से प्रत्येक ब्रह्माण्ड में दिक्पाल, ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर हैं, देवता, मनुष्य और सभी प्राणी स्थित हैं। इन ब्रह्माण्डो की गणना करने में न तो लोकनाथ ब्रह्मा, न शंकर, न धर्म और न ही विष्णु समर्थ हैं; फिर और देवता किस गिनती में हैं। ब्रह्मवैवर्तपुराण/ब्रह्मखण्ड/७/३०-३३ ब्रह्मवैवर्तपुराण/ब्रह्म-खण्ड/7/30-33 #PuranikYatra #MBAPanditJi #ब्रह्मवैवर्त_पुराण_कथा #shivmahapuran #shiv #shiva #शिवमहापुराण #bhavishypuran #vedpuran #puranam #upanishads #shrimadbhagwat #shrimadbhagwatkatha #bhagwatkatha #bhagwat #bhagwatkathalive #भागवत #भागवतकथा #श्रीमद्भगवद्गीता #श्रीमद्भागवत #श्राद्धकर्म #श्राद्धविधि #श्राद्धपक्ष #shradhpaksh #shradh #naradpuran #naradapuran #naradpurankatha #शिवमहापुराणकथा #shivmahapurankatha #ब्रह्मवैवर्तपुराण #hindu #sanatan #brahmvaivartpuran #PuranikYatra #MBAPanditJi
PuranikYatra - ShareChat
00:09