ShareChat
click to see wallet page
search
#whatsaap status #सत_भक्ति_संदेश गरीब, तन मन सेती दूर है, मांहे मंझ मिलाप। तरबर छाया विरछ में, है सो आपे आप।। सरलार्थ:- वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते। वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। #GodMorningSaturday
whatsaap status - गरीब, तन मन सेनी मांहे मंझ मिल्ाप | दूरहै, तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष ) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व ब्रह्याण्डों में फैली है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ गरीब, तन मन सेनी मांहे मंझ मिल्ाप | दूरहै, तरबर छाया विरछर्मे, हैसो आपे आप।| सरलार्थः वह परमेश्वर दूर सतलोक में है जिसे स्थूल शरीर तथा मन की कल्पनाओं से नहीं देख सकते | वैसे उस प्रभु का प्रभाव शरीर में भी है। इस प्रकार जीव से मिला भी है। जैसे तरवर (वृक्ष ) की छाया वृक्ष का ही प्रतिबिंब होती है। ऐसे परमेश्वर तो सतलोक आदि आदि ऊपर के लोकों में है। उसकी शक्ति वृक्ष की छाया की तरह सर्व ब्रह्याण्डों में फैली है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat