🚩🚩★PRAMOD★«SAHOO»🚩🚩
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#ନମୋ ଭଗବତେ ବାସୁଦେବାୟ #🐂ପବିତ୍ର ବୃଷ ସଂକ୍ରାନ୍ତି🪔 संक्रांति का दिन हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह वह समय है जब सूर्य देव अपने मित्र शुक्र की राशि 'वृषभ' में प्रवेश करते हैं। साल 2026 में यह पर्व 15 मई को आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य का यह गोचर सुख, समृद्धि और विशेष रूप से खेती-किसानी के लिए बहुत शुभ फलदायी होता है। #वृषभ_संक्रांति_2026_का_शुभ_मुहूर्त: इस साल वृषभ संक्रांति 15 मई 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। वृषभ संक्रांति पुण्य काल: सुबह 05:30 बजे से सुबह 06:28 बजे तक। संक्रांति का मुख्य क्षण: सुबह 06:28 बजे। #वृषभ_संक्रांति_पूजा_विधि: ●सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र पहनें। ●पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को जल अर्पित करें। ●जल में लाल फूल, चावल और कुमकुम मिलाएं। ●सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें, जैसे – 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नमः'। ●घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें। ●सूर्य देव को गुड़, फल और घर में बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। ●पूजा के अंत में सूर्य देव की आरती करें। ●पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा याचना करें। ●अपनी श्रद्धा अनुसार अनाज, वस्त्र या धन का दान करें। ●इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है। ●वृषभ संक्रांति के दिन तामसि क भोजन और चीजों से दूर रहें। #वृषभ_संक्रांति_का_महत्व: सनातन धर्म में वृषभ संक्रांति का विशेष महत्व माना गया है। यह दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना बेहद फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि वृषभ संक्रांति पर किए गए धार्मिक कार्यों से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है। #वृषभ_संक्रांति_पूजन_मंत्र: ●ॐ घृणि सूर्याय नमः।। ●ग्रहाणामादिरादित्यो लोक लक्षण कारक:। ●विषम स्थान संभूतां पीड़ां दहतु मे रवि।। ●ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नो भानुः प्रचोदयात्।। #वृषभ_संक्रांति_पर_करें_शुभ_कार्य: ●वृषभ संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है; अगर यह संभव न हो तो घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। ●सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जप करें। ●अपनी क्षमता के अनुसार अन्न और वस्त्र का दान करें, यह पुण्य प्राप्ति का उत्तम साधन माना जाता है। ●इस दिन गायों की सेवा करना और उन्हें भोजन कराना बहुत ही शुभ फल देने वाला कार्य होता है। ●संक्रांति के पुण्य काल में जरूरतमंदों या प्यासों को पानी पिलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ●यदि संभव हो तो प्याऊ लगवाना या जल सेवा करना भी इस दिन विशेष पुण्य देता है। ●मन में शांति, श्रद्धा और सकारात्मक भाव बनाए रखें, यही सच्चे शुभ फल की कुंजी मानी जाती है। ●किसी भी कार्य को जल्दबाज़ी या दिखावे से नहीं, बल्कि श्रद्धा और सादगी के साथ करें। ●पूरे दिन आध्यात्मिक सोच और सात्विक जीवनशैली अपनाने का प्रयास करें। #🕉️ ବାବା ଧବଳେଶ୍ଵର ନମଃ 🕉️ #ଜୟ ଶ୍ରୀ ରାମ #🌸ପବିତ୍ର ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ Coming soon🪔
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