ShareChat
click to see wallet page
search
शब्द जितना छोटा है अर्थ उतना ही बड़ा है माँ....❤️ लोग थक जाते है हमें रोज देख देख कर! पर वो हमेशा हमें निहारती रहती है, माँ dat tii तो बहुत हैं 😒पर अकेले में उदास हो जाती है क्योंकि वह अपने बच्चो की उदासी देख नहीं पाती है!ना जाने माँ asi क्यों होती हैं 😘माँ से पूछो मैं कैसी लगती हु उसे हमेशा मैं चांद से ज्यादा खूबसूरत लगती हु🙈😜 रिश्तेदारी, बच्चे और समाज में ही सिमटकर रह जाती हैं, वो अपनी गृहस्थी में ही सिमटकर रह जाती हैं, उम्र बीता दी सबको खुश रखने में, पर अपनी खुशियां हमारी मुस्कान में देखती है, Na जाने माँ asi क्यों होती हैं 😘 क्योंकि माँ रब jesi होती है इसलिए माँ asi hoti है जितना लिखू उतना कम है क्योंकि माँ का प्यार तो अनन्त है Love u mmy😘और के लिखू माँ के बारे म पेन खत्म hoja गा फ़ेर भी kime रह जागा ...Happy Mother's Day #😍 दिल के जज्बात
😍 दिल के जज्बात - ShareChat
00:30