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#सुदामा_कृष्णजीके_भक्त_नहींथे
. इच्छापूर्ति
सतगुरु मिले तो इच्छा मेटै, पद मिल पदे समाना।
चल हंसा उस लोक पठाऊँ, जो आदि अमर अस्थाना॥
इच्छा को केवल पुर्ण सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत ही समाप्त कर सकता है तथा यथार्थ भक्ति मार्ग पर लगा कर अमर पद सतलोक मे जहां जन्म मरण नहीं है ले जाता है अथार्त् पूर्ण मोक्ष प्राप्त कराता है। ये केवल परमात्मा कबीर साहेब जी की भक्ति उनके पुर्ण संत से नामदिक्षा लेकर मर्यादित भक्ति करने से मोक्ष होगा।
एक घने जंगल में एक इच्छा पूर्ति वृक्ष था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी इच्छा करने से वह तुरन्त पूरी हो जाती थी। यह बात बहुत कम लोग जानते थे क्योंकि उस घने जंगल में जाने की कोई हिम्मत ही नहीं करता था।
एक बार संयोग से एक थका हुआ व्यापारी उस वृक्ष के नीचे आराम करने के लिए बैठ गया उसे पता ही नहीं चला कि कब उसकी नींद लग गयी। जागते ही उसे बहुत भूख लगी, उसने आस पास देखकर सोचा कि'काश कुछ खाने को मिल जाए!' तत्काल स्वादिष्ट पकवानों से भरी थाली हवा में तैरती हुई उसके सामने आ गई।
व्यापारी ने भरपेट खाना खाया और भूख शान्त होने के बाद सोचने लगा कि काश कुछ पीने को मिल जाए। तत्काल उसके सामने हवा में तैरते हुए अनेक शरबत आ गए। शरबत पीने के बाद वह आराम से बैठ कर सोचने लगा कि कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूँ। हवा में से खाना पानी प्रकट होते पहले कभी नहीं देखा न ही सुना।
जरूर इस पेड़ पर कोई भूत रहता है जो मुझे खिला पिला कर बाद में मुझे खा लेगा ऐसा सोचते ही तत्काल उसके सामने एक भूत आया और उसे खा गया। इस प्रसंग से आप यह सीख सकते है कि हमारा मस्तिष्क ही इच्छापूर्ति वृक्ष है आप जिस चीज की प्रबल कामना करेंगे वह आपको अवश्य मिलेगी।
इस तरह आप देखेंगे कि आपका अवचेतन मन इच्छापूर्ति वृक्ष की तरह आपकी इच्छाओं को ईमानदारी से पूर्ण करता है! इसलिए आपको अपने मस्तिष्क में विचारों को सावधानी से प्रवेश करने की अनुमति देनी चाहिए। विचार जादूगर की तरह होते है, जिन्हें बदलकर आप अपना जीवन बदल सकते है। इसलिए सदा सकारात्मक सोचिए ।
यदि यही सोच हम आध्यात्मिकता मे लग दे की हमे मोक्ष प्राप्त करना है तो मोक्ष अवश्य मिलेगा। क्योंकि हम मोक्ष प्राप्ति के लिये सघर्षशील हो जाते है। थोडी सी सोच और मेहनत से परमात्मा की प्राप्ति आसानी से हो सकती है। यही सोच हम नाकारात्मक ले ले कि कैसा मोक्ष होगा। तो भक्ति करने की क्षमता मे कमजोर हो जाते है। ध्यान भी भटकता है। आज हमे सच्चा गुरू और सच्ची साधना मिली है तो मोक्ष अवश्य होगा।
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