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12.4.2026 सब संसार के लोगों का मन अशांत है। चंचलता चिंता तनाव काम क्रोध लोभ ईर्ष्या द्वेष अभिमान आदि दोषों से घिरा हुआ है। तो ऐसा मन कैसे शांत हो सकता है? *"जिसका मन शांत नहीं है, वह व्यक्ति सुखी कैसे हो सकता है? नहीं हो सकता।"* मन को शांत कैसे बनाएं? उसका मुख्य उपाय है, ईश्वर का ध्यान करना। *"जो व्यक्ति प्रतिदिन सुबह-शाम नियमित रूप से निराकार सर्वव्यापक सर्वज्ञ सर्वशक्तिमान सर्वरक्षक न्यायकारी आनंद के भंडार ईश्वर का ध्यान करता है। और ईश्वर का ध्यान करते हुए व्यवहार में इन सब कर्मों को भी करता है। जैसे वेदों का अध्ययन करता है, ईमानदारी से अपना जीवन जीता है। सच्चाई परोपकार सेवा दान दया आदि शुभ कर्मों का आचरण करता है। झूठ छल कपट आदि दोषों से दूर रहता है। उसका मन शांत होता है। बस संसार में वही सुखी होता है, अन्य नहीं।"* *"जो जितनी मात्रा में ये सब कार्य करेगा। उसका मन उतनी ही मात्रा में शांत होगा, और उसे उतनी ही मात्रा में सुख मिलेगा।"* *"आप भी ऊपर बताए कर्मों का आचरण तथा ईश्वर का ध्यान सुबह-शाम नियमित रूप से 2 मास तक करके देखिए। आपको निश्चित रूप से शांति मिलेगी और सुख मिलेगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."* #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓
❤️जीवन की सीख - ईश्वर का ध्यान करने से मन शांत होता है। शांत मन वाला व्यक्ति ही हा सकता है। अतः सुखी  सुखी होने के लिए ईश्वर का 5i ध्यान प्रतिदिन अवश्य सुविचार अज का 12 39< स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https :lldarshanyog org ईश्वर का ध्यान करने से मन शांत होता है। शांत मन वाला व्यक्ति ही हा सकता है। अतः सुखी  सुखी होने के लिए ईश्वर का 5i ध्यान प्रतिदिन अवश्य सुविचार अज का 12 39< स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https :lldarshanyog org - ShareChat