घर से निकली दो सगी बहनें ऑटो चालक के शिकंजे में फंस गईं। आरोपित चालक ने दोनों किशोरियों को धौलीप्याऊ स्थित एक होटल में रुकवाया और अपने तीन दोस्तों को बुलाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
इसके बाद ट्रेन में बैठाकर दोनों किशोरियों को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया। वापस लौटी बेटियों ने पूरी घटना स्वजन को बताई। पुलिस ने सोमवार सुबह छह बजे कैलाश नगर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते से चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
वृंदावन के वंशीवाला क्षेत्र में एक मजदूर अपने परिवार के साथ रहता है। एक मई को उसकी दो नाबालिग बेटियां घर से लापता हो गईं। काफी तलाश के बाद बेटियां नहीं मिलने पर मजदूर ने वृंदावन थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीन मई को किशोरियां अचानक घर पहुंची।
उन्होंने पिता को बताया कि वे घर से निकलकर गौरी गोपाल आश्रम तक पहुंची थी। वहां ऑटो चालक समीर ने उनको ऑटो में बिठाया और धौलीप्याऊ के एक होटल में ले गया। होटल में उसका दोस्त शिवा काम करता था।
पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी।
दोनों ने वहां पर अपने दोस्त रुपेश और कृष्णा उर्फ काले को बुला लिया। इसके बाद चारों युवकों ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर उन्हें डराने के लिए परिवार को जान से मारने की धमकी देकर रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ट्रेन में बिठा दिया।
दिल्ली पहुंचकर लड़कियों को कुछ दिखाई न दिया तो रविवार काे दोनों बहनें वापस पहुंच गईं। बेटियों की बात सुनकर मजदूर पिता के होश उड़ गए। पिता ने सीओ सदर पीतम पाल सिंह को पूरी घटना बताई। सीओ ने थाने में मुकदमा दर्ज कराकर आरोपितों की तलाश में टीमें लगा दी।
पुलिस ने सोमवार सुबह छह बजे दुष्कर्म के चारों आरोपितों डैंपियर नगर निवासी ऑटो चालक समीर, मयूर विहार धौलीप्याऊ निवासी होटल में कार्यरत शिवा, कृष्णा उर्फ काले, मारुति नगर निवासी रुपेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपितों को जेल भेज दिया है। #राजधानी दिल्ली


