#राधे कृष्ण
🙏अद्भूत प्रेम🙏
एक बार गायों को चराते हुए भगवान श्री कृष्ण और बलराम जी को भूख लगीं तो उन्होंने अपने सखाओं से कहा -हे मित्र ! यहाँ पास ही में कुछ ब्राह्मण यज्ञ कर रहे हैं तुम उनसे हम सबके लिए कुछ भोजन माँग लाओ ।
ग्वाल-बाल गए और बड़े विनम्र भाव से प्रार्थना कर भोजन सामग्री माँगी परंतु ब्राह्मण लोग स्वर्ग-आदि लोक के सुख की कामनाओं की पूर्ति के लिए उस यज्ञ में इतने खो चुके थे कि उन्होंने इस बात की तरफ़ ग़ौर ही नहीं किया कि *यह अन्न स्वयं भगवान श्री कृष्ण माँग रहे हैं ।
ग्वाल बाल ख़ाली हाथ जब लौटकर आए तो प्रभु ने कहा अब तुम उनकी पत्नियों से जाकर माँगना ।
ग्वाल बाल गए और जैसे ही ब्राह्मणों की पत्नियों ने सुना कि श्री कृष्ण पास ही हैं और उन्हें भूख भी लगी है । तो इतने समय से जिन नंदलाल की लीला-कथा वे सुनतीं आयीं ,”आज उनका दर्शन होगा “, ऐसा सोचकर वे लोक लाज का त्याग कर अपने भाई-बंधुओं और पति ( ब्राह्मणों) की आज्ञा को छोडकर प्रभु के पास आयीं और उन्हें मीठे दही- भात का भोग लगाया ।
ब्राह्मणों ने उन्हें यहाँ तक कह दिया था कि अगर आज तुम चलीं गयीं तो हम से नाता तोड़कर ही जाना , वे फ़र भी आ गयीं ।
ब्राह्मण की पत्नियों ने केवल भगवान की लीला-कथा को सुना था , अभी तक दर्शन नहीं किया था और उसी साधन के ही प्रभाव से देखिए आज प्रभु स्वयं उनसे भोजन माँगकर अपने दर्शन का आनंद देना चाह रहे हैं । धन्य हैं वो लोग जिनका जीवन ही प्रभु की कथा है । हमें भी प्रभु की कथा ही प्राप्त है , बस उसी को नित्य साधन समझ हमें उनके दर्शन को पाने में रत रहना है ।
भगवान श्री कृष्ण के सम्मुख आज ब्राह्मण-पत्नियाँ हाथ में दही-भात और चारों प्रकार के व्यंजन लिए खड़ी हैं । ग्वाल-वालों के साथ जैसे ही उन्हें पेड़ की छांव में उस कृष्ण बलराम की युगल छवि का दर्शन हुआ तो एक क्षण को तो मानो समय ही रुक गया ।
उनके मुख से अनायास ही निकल पड़ा , ” प्रभु ! कितने सुंदर हैं ।” प्रभु अपनी पूर्ण छटा के साथ उन्हें दर्शन दे रहे हैं ।
मानो आज उन स्त्रियों की जन्म-जन्म की साधना सफल हो गयी ।
भगवान ने उनका स्वागत कर उनका धन्यवाद किया और कहा , ” धन्य हैं आप ! जो हमारी अन्न की याचना स्वीकार की ( सबका पेट भरने वाले ये बात बोल रहे हैं , देखिए उनकी लीला) और आपको मेरे दर्शन की लालसा थीं , अब आप दर्शन कर चुकी हैं l
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🥀जिस तरह थोडी सी औषधि., भयंकर रोगों को शांत कर देती हैl🥀
🥀उसी तरह....ईश्वर की थोडी सी स्तुति....बहुत से कष्ट और दुखों का नाश कर देती है 🥀


