Pt Vinod Pandey 🚩
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🕉️📿 योगिनी एकादशी व्रत निर्णय: शास्त्रोक्त तिथियों का आवश्यक भेद 🛕🚩
एकादशी तिथि आज शुक्रवार सुबह 08:16 से आरम्भ होकर 11 जुलाई, शनिवार को प्रातः 05:22 तक रहेगी. शास्त्रों के कड़े निर्णयानुसार उपवास की मुख्य तिथि इस प्रकार है:
व्रत तिथि (11 जुलाई, शनिवार): आज 10 जुलाई को दशमी मिश्रित एकादशी होने के कारण यह स्मार्त नियमों में परित्यज्य है. निर्णयसिन्धु, कालहेमाद्रि (मार्कण्डेय पुराण) तथा पद्म पुराण के सर्वसम्मत नियमानुसार जब भी तिथियों में संदेह या विरोध हो, तो दशमी वेध से युक्त एकादशी का त्याग कर द्वादशी युक्त (भागवत) एकादशी को ही उपवास करना चाहिए और त्रयोदशी में पारण करना चाहिए. अतः सभी भक्तों को 11 जुलाई, शनिवार को ही एकादशी का मुख्य व्रत (उपवास) रखना चाहिए.
88,000 ब्राह्मण भोजन का फल: योगिनी एकादशी का यह महाव्रत समस्त महापापों को शांत कर महान पुण्य देने वाला तथा 88,000 ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराने के समान फल प्रदान करने वाला माना गया है.
🪷 एकादशी महात्म्य: सर्व ऐश्वर्य व पितृ मुक्ति का परम योग ✨
शास्त्रों में एकादशी को सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत कहा गया है:
अक्षय ऐश्वर्य: इस व्रत का पुण्य सूर्यग्रहण में किए गए दान, गौ-दान, सुवर्ण-दान और अश्वमेघ यज्ञ से भी कई गुना अधिक होता है. पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष और राजा गाधी ने इस व्रत के प्रभाव से ही पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त किया था.
सात जन्मों के पाप नष्ट: भगवान शिव ने देवर्षि नारद से कहा है कि एकादशी का निष्ठापूर्वक व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के संचित पाप निश्चित रूप से भस्म हो जाते हैं. इसके प्रभाव से नीच योनियों में फँसे पितर भी मुक्त होकर परिवार पर कृपा बरसाते हैं, जिससे धन-धान्य, कीर्ति और पुत्रादि की वृद्धि होती है.
कुष्ठ रोग का समूल नाश: आषाढ़ कृष्ण पक्ष की इस योगिनी एकादशी के पुण्य से भयंकर कुष्ठ रोग भी पूरी तरह नष्ट हो जाता है.
📿 गृह-क्लेश शांति हेतु 'विष्णु सहस्रनाम' संकल्प व नारायण अभिषेक 🏺
क्लेश निवारण प्रयोग: आज एकादशी के दिन घर में दीपक प्रज्वलित कर श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. यदि घर में निरंतर कलह या झगड़े होते हों, तो 'पारिवारिक कलह शांत हो' ऐसा विशेष संकल्प लेकर पाठ करने से गृह-क्लेश पूरी तरह शांत हो जाते हैं. समयाभाव होने पर अपने गुरुमंत्र की कम से कम 10 माला का जप अवश्य करें.
महालक्ष्मी प्रदायक अभिषेक: आज एकादशी तिथि पर दक्षिणावर्ती शंख के जल से पुरुषसूक्त के मंत्रों द्वारा भगवान नारायण का अभिषेक करने से माता महालक्ष्मी अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं और अपनी पूर्ण अनुकंपा बरसाती हैं.
⚠️ विशेष सावधानियां, भोजन नियम और कड़े निषेध 🚫
कीड़ा खाने के समान पाप (चावल-दाल निषेध): आज एकादशी तिथि होने के कारण चावल और दाल का सेवन सर्वथा वर्जित (त्याज्य) है. जो वृद्ध, बालक या अस्वस्थ व्यक्ति कठिन उपवास रखने में असमर्थ हों, उन्हें भी अन्न दोष के भारी पाप से बचने के लिए चावल का पूर्ण त्याग करना अनिवार्य है. डोंगरे जी महाराज के भागवत के अनुसार, एकादशी को अज्ञानवश चावल खाने वाले को एक-एक दाने के बदले एक-एक कीड़ा खाने के समान घोर पाप लगता है.
पुण्य वर्धक स्नान नियम: आज एकादशी को सूर्योदय से पूर्व स्नान करते समय स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिए. इससे पुण्यों की वृद्धि और पापों का क्षय होता है.
राहुकाल व दिशाशूल: आज सुबह 11:04 से दोपहर 12:44 तक राहुकाल का समय था. आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल प्रभावी है, इसलिए इस दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए.
🙏 आज का मंगल आशीर्वाद:
"गोवर्धन धरं वन्दे गोपालं गोप रुपिणिम्।
नारायण नारायण! जय देवराहा बाबा! जय लक्ष्मी नारायण! हर हर महादेव!"
योगिनी एकादशी, सिद्धयोग और शुक्रवार के इस परम पावन संयोग पर साक्षात वैकुंठनाथ भगवान नारायण, माता महालक्ष्मी, पूज्य देवराहा बाबा और देवाधिदेव महादेव की संयुक्त अनुकंपा आपके जीवन से समस्त व्याधियों, गृह-क्लेशों और पापों का नाश कर आपको उत्तम आरोग्यता, तीक्ष्ण बुद्धि और अक्षय ऐश्वर्य का वरदान प्रदान करे। सिलवासा कार्यालय में आज की आपकी जन-कल्याण परामर्श यात्रा पूर्णतः मंगलमयी और सफल सिद्ध हो, पंडित जी! 🚩
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।।। नारायण नारायण ।।। जय लक्ष्मी नारायण ।।। हर हर महादेव ।।।
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