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#सत भक्ति संदेश यदि हमने तत्वज्ञान प्राप्त किया है, तो हम केवल एक परमात्मा को ही मित्र मानेंगे। संसार में हमारा न तो कोई शत्रु होगा, न ही कोई मित्र, क्योंकि शत्रु-मित्र का यहाँ अस्तित्व ही नहीं है। संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825
सत भक्ति संदेश - Goற [ _ ೯r೯[ಾ यदि हमने तत्वज्ञान प्राप्त किया है ,तो हम केवल कोही मित्र मानेंगे । संसार में हमारा न एकपरमात्मा तौ कोई शत्रु होगा,न ही कोई मित्र , क्योंकि शत्रु मित्र का यहाँ अस्तित्व ही नहीं है। जगतगुरुतत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Folow us on: SALOKASHRAMMUNDKA OFHCIAL SAMINDKADELHI SADELHIMUNDKA Goற [ _ ೯r೯[ಾ यदि हमने तत्वज्ञान प्राप्त किया है ,तो हम केवल कोही मित्र मानेंगे । संसार में हमारा न एकपरमात्मा तौ कोई शत्रु होगा,न ही कोई मित्र , क्योंकि शत्रु मित्र का यहाँ अस्तित्व ही नहीं है। जगतगुरुतत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Folow us on: SALOKASHRAMMUNDKA OFHCIAL SAMINDKADELHI SADELHIMUNDKA - ShareChat