#सत भक्ति संदेश
यदि हमने तत्वज्ञान प्राप्त किया है, तो हम केवल एक परमात्मा को ही मित्र मानेंगे। संसार में हमारा न तो कोई शत्रु होगा, न ही कोई मित्र, क्योंकि शत्रु-मित्र का यहाँ अस्तित्व ही नहीं है।
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