ShareChat
click to see wallet page
search
Waqt kab badal jata hai pata he nhi chalta #--- #वकत #Waqt waqt ki baat
--- - पता ही नहीं चलता , वक़्त कब बढल जाता है... छोटे से कब बड़े हो जाते हैं, एहसास ही नहीं हो पाता | बचपन एक लड़की की जिम्मेदारियाँ , শল, ত্রিলীন, मां की गोद और घर की जिम्मेदारी बेपहचान सपने सुबह से रात तक घर के ৮৫ কাস কী মমালনা| स्कूल पढ़ाई और सपने किताबें दोस्त, सपने थकान के बावजज़ूद सद के आर एक बहतर सपनों को पूरा करना।  झल को उम्माद मां-्बाप की सेवा काँलेज उनकी उम्मीदों पर खरा কী কাহিথ কনো | उतरने नए सपने, नई उझ्ान और खुद को पहचानने  खान षनीना = 3]5377/ राबकी पसंद का ख्याल 7ಾ ೯ ` মুs কা  মূল লানা | नौकरी नौकरी की जिम्मेदारी सपनों को हकीकःत गें ऑफिस दोनों को पर ओर बदलने को जडोजहद 6 संतुलित करना।  और भविष्य की चिंता | लोग कहते हैं शादी के बाद लड़किरयों पर जिम्मेदारियाँ बेटी से बहू, बह्र से पत्नी, कम होती हैं॰ पल्नी सेरम यन ्नाना। शादी पर सच तो ये है, नए रिश्नते , नड जिम्मेदारियाँ हर रिश्ता निभाना वो हर रिश्ते में खुद को और एक नई जिंदगी किसी की उम्मीदों पर बाँटती जाती हैं ।११ शुरआत। खरा उतरने की कोशिश| शादी से पहले शादी के बाद एक लड़की पत्नी , बडू॰ मॉ बनळर हर रिश्ता निभातती हें। सबका सहारा बनती हैं तनक हर दिन थोड़ा थोड़ा बदलती है॰ लड़कियाँ कमज़ोर नहीं होती , इतना सब करते करते , वो बस सबको मजबूत बनाते -बनाते वो खुद को कहाँ खो देती है. खुद को भूल जाती हैं .. सम्मान करें , समझें और उनके सपनों को उन्हें खुद भी पता नहीं चल ٥٦٠٠٠ उड़ान दें॰ क्योकि वो भी लिए जीना चाहतती हैं 31 ' हर लड़की की कहानी अलग है, पर उसकी मेहनत एक जैसी हैं अनमोल , अनकही और अद्ुत| पता ही नहीं चलता , वक़्त कब बढल जाता है... छोटे से कब बड़े हो जाते हैं, एहसास ही नहीं हो पाता | बचपन एक लड़की की जिम्मेदारियाँ , শল, ত্রিলীন, मां की गोद और घर की जिम्मेदारी बेपहचान सपने सुबह से रात तक घर के ৮৫ কাস কী মমালনা| स्कूल पढ़ाई और सपने किताबें दोस्त, सपने थकान के बावजज़ूद सद के आर एक बहतर सपनों को पूरा करना।  झल को उम्माद मां-्बाप की सेवा काँलेज उनकी उम्मीदों पर खरा কী কাহিথ কনো | उतरने नए सपने, नई उझ्ान और खुद को पहचानने  खान षनीना = 3]5377/ राबकी पसंद का ख्याल 7ಾ ೯ ` মুs কা  মূল লানা | नौकरी नौकरी की जिम्मेदारी सपनों को हकीकःत गें ऑफिस दोनों को पर ओर बदलने को जडोजहद 6 संतुलित करना।  और भविष्य की चिंता | लोग कहते हैं शादी के बाद लड़किरयों पर जिम्मेदारियाँ बेटी से बहू, बह्र से पत्नी, कम होती हैं॰ पल्नी सेरम यन ्नाना। शादी पर सच तो ये है, नए रिश्नते , नड जिम्मेदारियाँ हर रिश्ता निभाना वो हर रिश्ते में खुद को और एक नई जिंदगी किसी की उम्मीदों पर बाँटती जाती हैं ।११ शुरआत। खरा उतरने की कोशिश| शादी से पहले शादी के बाद एक लड़की पत्नी , बडू॰ मॉ बनळर हर रिश्ता निभातती हें। सबका सहारा बनती हैं तनक हर दिन थोड़ा थोड़ा बदलती है॰ लड़कियाँ कमज़ोर नहीं होती , इतना सब करते करते , वो बस सबको मजबूत बनाते -बनाते वो खुद को कहाँ खो देती है. खुद को भूल जाती हैं .. सम्मान करें , समझें और उनके सपनों को उन्हें खुद भी पता नहीं चल ٥٦٠٠٠ उड़ान दें॰ क्योकि वो भी लिए जीना चाहतती हैं 31 ' हर लड़की की कहानी अलग है, पर उसकी मेहनत एक जैसी हैं अनमोल , अनकही और अद्ुत| - ShareChat