Nitin Lath
1K views 1 months ago AI indicator
एक छोटे से गाँव में रहने वाला दस वर्षीय आरव अचानक तेज बुखार और साँस लेने में तकलीफ़ से परेशान हो गया। उसके माता पिता घबरा गए। रात गहरी थी, बारिश लगातार हो रही थी और अस्पताल तक पहुँचना भी आसान नहीं था। फिर भी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना देर किए आरव का इलाज शुरू किया। डॉक्टर ने पूरी लगन, धैर्य और अनुभव से उसकी जाँच की। कई घंटों की मेहनत के बाद आरव की हालत धीरे धीरे सुधरने लगी। सुबह जब उसने मुस्कुराकर अपनी माँ का हाथ पकड़ा, तो पूरे परिवार की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। आरव के पिता ने डॉक्टर से कहा, "आपने हमारे बेटे को नई ज़िंदगी दी है।" डॉक्टर मुस्कुराए और बोले, "यही मेरा कर्तव्य है। किसी की मुस्कान लौट आए, इससे बड़ा पुरस्कार कोई नहीं।" उस दिन पूरे गाँव ने महसूस किया कि डॉक्टर केवल दवा देने वाले नहीं होते, बल्कि उम्मीद, विश्वास और जीवन की नई किरण बनकर लोगों के साथ खड़े रहते हैं। उनका समर्पण अनगिनत परिवारों की खुशियों की रक्षा करता है। राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस हमें उन सभी डॉक्टरों को धन्यवाद कहने का अवसर देता है, जो दिन रात बिना थके मानवता की सेवा करते हैं। उनका समर्पण, करुणा और सेवा भाव हम सभी के लिए प्रेरणा है। सचमुच, डॉक्टर हमारे समाज के सच्चे जीवनरक्षक हैं। #national doctor day
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