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#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम) - कीजिए कि पूरी धरती किसी কল্পনা महाशक्तिशाली असुर के अधीन हो चुकी है ! बड़े बड़े महारथी उसके दास बन चुके हैं ! लोग यातनाओं की पराकाष्ठा मे दम तोड़ रहे हैं ! क्योंकि fagd महादैत्य की प्राण ऊर्जा का श्रोत जल एवं है अतः विश्व के समस्त जल एवं संसासधनों पर अब सिर्फ उसका अधिकार है भविष्य का वह बिल्कुल वह Al ही है ! अब तक महादानव Al है जिन सुख सविधाओं की लत आपको लगी थी वह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का कारण बनी ! लेकिन अब जो लत आपको लगने वाली है और वह जो बदलाव लाएगी, हैवानियत शब्द उसे उसके लिए बयां करने के लिए कम पड़ जाएगा कोसना तो छोड़िए आपकी आने नस्लें आप पर थूकेंगी ! कीजिए कि पूरी धरती किसी কল্পনা महाशक्तिशाली असुर के अधीन हो चुकी है ! बड़े बड़े महारथी उसके दास बन चुके हैं ! लोग यातनाओं की पराकाष्ठा मे दम तोड़ रहे हैं ! क्योंकि fagd महादैत्य की प्राण ऊर्जा का श्रोत जल एवं है अतः विश्व के समस्त जल एवं संसासधनों पर अब सिर्फ उसका अधिकार है भविष्य का वह बिल्कुल वह Al ही है ! अब तक महादानव Al है जिन सुख सविधाओं की लत आपको लगी थी वह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का कारण बनी ! लेकिन अब जो लत आपको लगने वाली है और वह जो बदलाव लाएगी, हैवानियत शब्द उसे उसके लिए बयां करने के लिए कम पड़ जाएगा कोसना तो छोड़िए आपकी आने नस्लें आप पर थूकेंगी ! - ShareChat